नई दिल्ली: दुनिया की सबसे पुरानी, सबसे लोकप्रिय और मार्केट कैप के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) के निवेशकों के लिए बड़े दिनों बाद गुड न्यूज आई है। शुक्रवार को इसकी कीमत एक साल के टॉप पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान इसकी कीमत 31,400 डॉलर पर पहुंच गई थी लेकिन फिर इसने अपनी बढ़त खो दी। अप्रैल के बाद यह इस हफ्ते पहली बार 30,000 डॉलर के ऊपर पहुंची थी। बिटकॉइन की कीमत में इस साल 87 फीसदी तेजी आई है। हाल में कई फाइनेंशियल कंपनियों ने क्रिप्टोकरेंसीज में इंटरेस्ट दिखाया है। इस कारण बिटकॉइन की कीमत में तेजी देखी जा रही है। 2021 में इसकी कीमत करीब 68,000 डॉलर पहुंच गई थी जो इसकी ऑल टाइम हाई कीमत है। लेकिन पिछले साल इसकी कीमत में काफी गिरावट आई थी।
पिछले हफ्ते ब्लैकरॉक (BlackRock) ने बिटकॉइन स्पॉट एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के लिए आवेदन किया था। यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन फाइलिंग में यह जानकारी दी गई है। इसके साथ ही Charles Schwab, Fidelity Digital Assets और Citadel के निवेश वाले क्रिप्टो एक्सचेंज
EDX Markets ने भी डिजिटल एसेट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए अप्लाई किया है। हालांकि अब भी दुनिया के कई देशों में क्रिप्टोकरेंसीज के खिलाफ रेगुलेटरी एक्शन चल रहा है। इसी महीने एसईसी ने अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस को खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उसका आरोप है कि यह अनरजिस्टर्ड ब्रोकर की तरह काम कर रहा है।
क्यों आई गिरावट
इससे एक दिन पहले फेडरल रेगुलेटर्स ने बाइनेंस पर मुकदमा ठोका था। कंपनी पर अमेरिका में एक अवैध एक्सचेंज चलाने का आरोप है। हाल के दिनों में बिटकॉइन में तेजी आई है लेकिन अब भी यह ऑलटाइम हाई से बहुत दूर है। 2021 में इसकी कीमत 68,000 डॉलर के पार पहुंच गई थी। लेकिन फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बढ़ोतरी से पिछले साल बिटकॉइन को काफी नुकसान हुआ था। क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स के डूबने से भी क्रिप्टो मार्केट पर असर पड़ा था। इस कारण शुरू हुई बिकवाली से क्रिप्टोकरेंसीज की कीमत में भारी गिरावट आई थी।