कतर ने कहा है कि उसे डर है कि जवाबी कार्रवाई की इस धमकी का मतलब है कि इजरायल हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हानिया, उनके पूर्ववर्ती और सहयोगी नेता खालिद मेशाल जैसी हस्तियों को निशाना बना सकता है। इजरायल ने पहले भी कई दुश्मनों को विदेशी धरती पर निशाना बनाया है। इसमें एडोल्फ आइशमन सबसे प्रमुख शख्स था, जिसे मोसाद ने अर्जेंटीना से ढूंढ निकाला था। मोसाद के एजेंटआइशमन को इजरायल लेकर आए और उसे बाद में फांसी की सजा दी गई। इस वक्त मोसाद और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के प्रमुख लगातार कतर का दौरा कर रहे हैं। ऐसे में कतर की आशंका और ज्यादा बढ़ गई है।
कौन है इस्माइल हानिया
इस्माइल हानिया हमास का सर्वोच्च नेतता है। उसे अगस्त 2021 में दोबारा चार साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। स्माइल हानिया हमास के संस्थापक अहमद यासीन के पूर्व सहयोगी हैं। यासीन की 2004 में इजराइली हवाई हमले में हत्या कर दी गई थी। 2006 में संसदीय चुनाव जीतने के बाद इस्माइल हानिया को फिलिस्तीनी के प्रधानमंत्री के तौर पर नियुक्त किया गया था। पर, 14 जून 2007 को फतह और हमास के बीच जारी संघर्ष के कारण राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हानिया को पद से बर्खास्त कर दिया था।
शरणार्थी शिविर में हुआ था जन्म
इस्माइल हनिया का जन्म मिस्र के कब्जे वाले गाजा पट्टी में अल-शती शरणार्थी शिविर में हुआ था। उनके माता-पिता 1948 में अरब-इजरायल युद्ध के दौरान अशकोन में स्थित अपने घर से भागकर शरणार्थी बन गए थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के संचालित स्कूलों से पढ़ाई की और 1989 में अरबी साहित्य में डिग्री के साथ इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ गाजा से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह विश्वविद्यालय की पढ़ाई के दौरान ही हमास से जुड़ गए थे। 1985 से 1986 तक, वह मुस्लिम ब्रदरहुड का प्रतिनिधित्व करने वाली छात्र परिषद के प्रमुख थे।











