अगला चरण बस सुरंगों पर
इजरायली सूत्रों के मुताबिक उत्तरी गाजा के निचले हिस्से में मौजूद हमास के विशाल सुरंग नेटवर्क का पता लगाना और उसे पूरी तरह से तबाह करना ही आक्रामण के अगले चरण का बड़ा हिस्सा होगा। हालांकि इसमें समय लगेगा। हमास और दूसरी आतंकी संगठन इस्लामिक जिहाद की मानें तो इजरायली टैंक गाजा शहर के मध्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्हें सुरंग नेटवर्क का प्रयोग करके घात लगाकर हमला करने वाले हमास आतंकियों से भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। रॉयटर्स के मुताबिकआतंकी सुरंग शाफ्ट की मदद से रॉकेट से चलने वाला ग्रेनेड फायर करता है और फिर गायब हो जाता है। सिर्फ दूसरे सुरंग के एंट्री गेट पर नजर आता है और फिर हमला करता है।
इजरायली सूत्रों के मुताबिक उत्तरी गाजा के निचले हिस्से में मौजूद हमास के विशाल सुरंग नेटवर्क का पता लगाना और उसे पूरी तरह से तबाह करना ही आक्रामण के अगले चरण का बड़ा हिस्सा होगा। हालांकि इसमें समय लगेगा। हमास और दूसरी आतंकी संगठन इस्लामिक जिहाद की मानें तो इजरायली टैंक गाजा शहर के मध्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्हें सुरंग नेटवर्क का प्रयोग करके घात लगाकर हमला करने वाले हमास आतंकियों से भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। रॉयटर्स के मुताबिकआतंकी सुरंग शाफ्ट की मदद से रॉकेट से चलने वाला ग्रेनेड फायर करता है और फिर गायब हो जाता है। सिर्फ दूसरे सुरंग के एंट्री गेट पर नजर आता है और फिर हमला करता है।
टूट जाएगी हमास की रीढ़
आईडीएफ प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने मंगलवार को बताया कि इजरायल की फाइटर इंजीनियरिंग कोर सुरंगों को नष्ट करने के लिए विस्फोटक उपकरणों का उपयोग कर रही है। अब तक ऑपरेशन में 100 से ज्यादा शाफ्ट खत्म हो गए हैं। पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी और सन् 1980 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में हुए पहले और दूसरे इंतिफादा के वार्ताकार एवी मेलमेड ने कहा कि आईडीएफ सैनिक सुरंगों का पता लगाने, रॉकेट लॉन्चिंग साइटों को नष्ट करने और हमास कमांडरों को मारने के लिए एक योजना के माध्यम से काम कर रही है। उन्होंने इस हमास के लिए एक रीढ़ करार दिया है।
आईडीएफ प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने मंगलवार को बताया कि इजरायल की फाइटर इंजीनियरिंग कोर सुरंगों को नष्ट करने के लिए विस्फोटक उपकरणों का उपयोग कर रही है। अब तक ऑपरेशन में 100 से ज्यादा शाफ्ट खत्म हो गए हैं। पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी और सन् 1980 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में हुए पहले और दूसरे इंतिफादा के वार्ताकार एवी मेलमेड ने कहा कि आईडीएफ सैनिक सुरंगों का पता लगाने, रॉकेट लॉन्चिंग साइटों को नष्ट करने और हमास कमांडरों को मारने के लिए एक योजना के माध्यम से काम कर रही है। उन्होंने इस हमास के लिए एक रीढ़ करार दिया है।
हमास सन् 2007 से ही गाजा पर शासन कर रहा है। इसने गाजा के नीचे सैकड़ों किलोमीटर तक 80 मीटर की गहराई तक सुरंग सिटी को बना डाला है। पिछले महीने हमास की तरफ से रिहा किए गए एक बंधक ने सुरंगों को 'मकड़ियों का जाल' बताया था। इजरायली सेना ने कहा है कि हमास की कई सुरंगें, कमांड सेंटर और रॉकेट लॉन्चर उत्तरी गाजा में स्कूलों, अस्पतालों और मानवीय संस्थानों के निकट स्थित हैं। इसमें क्षेत्र के सबसे बड़े अल-शिफा अस्पताल के करीब भी कई सुरंगे हैं। अब तक इजरायल के हमलों में गाजा में करीब 10000 लोगों की मौत हो गई है।











