पक्षी तलाश रहे हैं डेडबॉडीज
एक वन्यजीव विशेषज्ञ ने कहा मांस खाने वाले पक्षियों के डेटा से इजरायल की सेना को हमास के आतंकी हमले की जगहों के आसपास लाशों का पता लगाने में मदद मिल रही है। इजरायल के नेचर एंड पार्क्स अथॉरिटी के ओहद हत्जोफे ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया है कि ट्रैकिंग उपकरणों से लैस चील, ईगल्स, गिद्धों और शिकार करने वाले बाकी पक्षियों ने मानव अवशेषों की खोज में अहम भूमिका निभाई है। हत्जोफे की मानें तो जब जब युद्ध शुरू हुआ तो उस यूनिट में तैनात रहे कुछ रिटायर्ड रिजर्विस्ट्स ने उनसे संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या उनके पक्षी कुछ मदद कर सकते हैं। यह आइडिया इजरायली सेना की खास यूनिट ईटन (EITAN) से आया था। यह सेना की मानव संसाधन शाखा की एक यूनिट है जिस पर लापता सैनिकों का पता लगाने का जिम्मा है।
एक वन्यजीव विशेषज्ञ ने कहा मांस खाने वाले पक्षियों के डेटा से इजरायल की सेना को हमास के आतंकी हमले की जगहों के आसपास लाशों का पता लगाने में मदद मिल रही है। इजरायल के नेचर एंड पार्क्स अथॉरिटी के ओहद हत्जोफे ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया है कि ट्रैकिंग उपकरणों से लैस चील, ईगल्स, गिद्धों और शिकार करने वाले बाकी पक्षियों ने मानव अवशेषों की खोज में अहम भूमिका निभाई है। हत्जोफे की मानें तो जब जब युद्ध शुरू हुआ तो उस यूनिट में तैनात रहे कुछ रिटायर्ड रिजर्विस्ट्स ने उनसे संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या उनके पक्षी कुछ मदद कर सकते हैं। यह आइडिया इजरायली सेना की खास यूनिट ईटन (EITAN) से आया था। यह सेना की मानव संसाधन शाखा की एक यूनिट है जिस पर लापता सैनिकों का पता लगाने का जिम्मा है।
पक्षियों में फिट है जीपीएस ट्रैकर
हत्जोफे एक ऐसे प्रोग्राम का नेतृत्व करते हैं जो गायब हो चुके ग्रिफॉन गिद्धों पर नजर रखता है। ये गिद्ध मुख्य रूप से मृत जानवरों को खाते हैं। इसके अलावा चील और कुछ और पक्षी भी मांस खाते हैं। इस कार्यक्रम के तहत सैकड़ों पक्षियों को उनके प्रवासी पैटर्न, भोजन की आदतों और उनके सामने आने वाले पर्यावरणीय खतरों की रिसर्च के लिए जीपीएस ट्रैकर्स के साथ टैग किया है। 23 अक्टूबर को उनमें से ही एक दुर्लभ समुद्री ईगल गाजा पट्टी के ठीक बाहर, बीरी के पास पाया गया था। यह उत्तरी रूस में गर्मी बिताने के बाद एक दिन पहले इजरायल के आसमान में लौट आया था।
सेना को भेजा डेटा
हत्जोफे ने अपना डेटा सेना को भेज दिया। उन्होंने कहा वह इसकी पुष्टि करने गए और उन्हें चार शव बरामद हुए। लेकिन वह लाशों के स्थान या पहचान के बारे में बहुत ज्यादा बताने में असमर्थ थे। बेरी जो दक्षिणी इजरायल के किबुत्ज में आता है और यहां पर ज्यादातर कृषि समुदाय के लोग रहते हैं। यहां पर हमास के आतंकियों ने 85 निवासियों की मौत हो गई थी। यहां पर हमास के कार्यकर्ता सन् 1948 में इजरायल के निर्माण के बाद से सबसे खराब हमले को अंजाम देने के लिए बॉर्डर तक पार कर गए थे। जबकि यह पर बहुत ज्यादा सैनिकों की तैनाती रहती है। बीरी में हमास ने करीब 240 लोगों को बंधक बना लिया था। उनमें से 30 लापता हैं। एक महीने बाद भी कई लोगों की कोई जानकारी नहीं हे।
हत्जोफे एक ऐसे प्रोग्राम का नेतृत्व करते हैं जो गायब हो चुके ग्रिफॉन गिद्धों पर नजर रखता है। ये गिद्ध मुख्य रूप से मृत जानवरों को खाते हैं। इसके अलावा चील और कुछ और पक्षी भी मांस खाते हैं। इस कार्यक्रम के तहत सैकड़ों पक्षियों को उनके प्रवासी पैटर्न, भोजन की आदतों और उनके सामने आने वाले पर्यावरणीय खतरों की रिसर्च के लिए जीपीएस ट्रैकर्स के साथ टैग किया है। 23 अक्टूबर को उनमें से ही एक दुर्लभ समुद्री ईगल गाजा पट्टी के ठीक बाहर, बीरी के पास पाया गया था। यह उत्तरी रूस में गर्मी बिताने के बाद एक दिन पहले इजरायल के आसमान में लौट आया था।
सेना को भेजा डेटा
हत्जोफे ने अपना डेटा सेना को भेज दिया। उन्होंने कहा वह इसकी पुष्टि करने गए और उन्हें चार शव बरामद हुए। लेकिन वह लाशों के स्थान या पहचान के बारे में बहुत ज्यादा बताने में असमर्थ थे। बेरी जो दक्षिणी इजरायल के किबुत्ज में आता है और यहां पर ज्यादातर कृषि समुदाय के लोग रहते हैं। यहां पर हमास के आतंकियों ने 85 निवासियों की मौत हो गई थी। यहां पर हमास के कार्यकर्ता सन् 1948 में इजरायल के निर्माण के बाद से सबसे खराब हमले को अंजाम देने के लिए बॉर्डर तक पार कर गए थे। जबकि यह पर बहुत ज्यादा सैनिकों की तैनाती रहती है। बीरी में हमास ने करीब 240 लोगों को बंधक बना लिया था। उनमें से 30 लापता हैं। एक महीने बाद भी कई लोगों की कोई जानकारी नहीं हे।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार हमले में 1400 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर नागरिक थे। इजरायल ने हमास को खत्म करने की कसम खाई। इजरायल ने लगातार बमबारी और जमीनी आक्रमण के साथ जवाबी कार्रवाई की है। इसमें गाजा में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 10500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें ज्यादातर नागरिक भी शामिल थे। हत्जोफे के मुताबिक एक दूसरे पक्षी बोनेली ईगल के डेटा ने इजरायल के अंदर बाकी शवों की बरामदगी को सक्षम बनाया। इजरायली पुलिस ने सोमवार को कहा कि उन्होंने कुल 843 नागरिकों और 351 सैनिकों के शवों की पहचान की है।











