वित्तीय परामर्श फर्म लीडर कैपिटल मार्केट्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गाजा पट्टी में इजरायल को अपने सैन्य अभियान के चलते साल 2023-2024 में अपनी इकॉनमी में करीब 48 अरब अमेरिकी डॉलर (इजरायली केंसी शेकेल में करीब 180 अरब शेकेल) का नुकसान होने का अनुमान है। फर्म ने कहा कि इस युद्ध में खर्च हो रही राशि का दो-तिहाई हिस्सा इजरायल वहन करेगा। जबकि बाकी की खर्च अमेरिका सैन्य सहायता के रूप में वहन करेगा।
हर दिन खर्च हो रहे 270 मिलियन डॉलर
इजरायली राष्ट्रीय आर्थिक परिषद ने लीडर कैपिटल मार्केट्स के अनुमान से भी ज्यादा खर्च की बात इस युद्ध में कही है। परिषद का कहना है कि इजरायली अर्थव्यवस्था पर युद्ध के चलते 200 अरब शेकेल (54 अरब डॉलर) का भार पड़ने जा रहा है। इजरायली वित्त मंत्रालय ने युद्ध के हर दिन के खर्च का अनुमान लगाते हुए कहा है कि आईडीएफ के एक दिन के अभियान में करीब 270 मिलियन डॉलर का नुकसान देश की अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ रहा है।ब्लूमबर्ग ने इन रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि इजरायल के राजकोषीय गणित का मतलब है कि सरकार को अपने इस सशस्त्र संघर्ष से निपटने के लिए काफी हद तक उधार लेना होगा। यह देखते हुए कि तेल अवीव ने गोल्डमैन ग्रुप इंक सहित वॉल स्ट्रीट बैंकों के माध्यम से येन, यूरो और डॉलर में अंतरराष्ट्रीय ऋण जारी किया है। बता दें कि हमास की ओर से 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला करके 1400 लोगों की जान ले ली गई थी और 200 से ज्यादा का अपहरण कर लिया था। हमले के बाद इजरायल सरकार ने गाजा के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया था। 7 अक्टूबर से इजरायल की हवाई और जमीनी सेना गाजा में हमले कर रही है। गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने कहा है कि गुरुवार तक इजरायली बलों के हमलों में 14,854 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इनमें 6,150 से ज्यादा बच्चे शामिल है। वहीं 36,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।











