वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘जीएसटी के क्रियान्वयन ने करदाताओं के लिये कर कानून का पालन करना आसान बना दिया है। यह बात इस तथ्य से पता चलती है कि जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाताओं की संख्या एक अप्रैल, 2018 तक 1.03 करोड़ थी। यह बढ़कर एक अप्रैल, 2023 तक 1.36 करोड़ हो गई है।’’
आज ही के दिन लागू हुआ था जीएसटी, क्यों इसे लागू करने में लग गए 17 साल? कैसे आया इसका विचार
नई दिल्ली: पुरानी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की जगह वस्तु एवं सेवा कर 1 जुलाई, 2017 को देश में लागू हुआ था। आज जीएसटी दिवस (GST Day) है। आजादी के बाद जीएसटी को सबसे बड़ा टैक्स सुधार माना जाता है। इससे देश के अप्रत्यक्ष कर ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन हुआ है। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि छह साल पहले लागू माल एवं सेवा कर (GST) ने न केवल नागरिकों पर कर का बोझ कम करने में मदद की है, बल्कि देश में खपत को गति भी दी है। कुल मिलाकर इससे परिवारों को मासिक बिल कम करने में मदद मिली है। सरकार ने जीएसटी लागू होने से पहले और बाद में विभिन्न वस्तुओं पर कर दरों की तुलना करते हुए यह बात कही है। उसने यह भी कहा कि जीएसटी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने से लेकर निवेश को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘जीएसटी के क्रियान्वयन ने करदाताओं के लिये कर कानून का पालन करना आसान बना दिया है। यह बात इस तथ्य से पता चलती है कि जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाताओं की संख्या एक अप्रैल, 2018 तक 1.03 करोड़ थी। यह बढ़कर एक अप्रैल, 2023 तक 1.36 करोड़ हो गई है।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘जीएसटी के क्रियान्वयन ने करदाताओं के लिये कर कानून का पालन करना आसान बना दिया है। यह बात इस तथ्य से पता चलती है कि जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाताओं की संख्या एक अप्रैल, 2018 तक 1.03 करोड़ थी। यह बढ़कर एक अप्रैल, 2023 तक 1.36 करोड़ हो गई है।’’











