सूचना पर कार्रवाई
यह सारा काम इतने गुपचुप तरीके से हुआ कि किसी को भनक तक नहीं लग पाई। वन विभाग ने भारी मात्रा में अवैध सागौन के बने हुए फर्नीचर, लकड़ी और वनोपज आशियाय जब्त किए हैं। नौरोजाबाद रेंजर पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि हमको सूचना मिली कि ग्राम हड़हा में दिनेश बैगा पिता विपत बैगा के घर मे अवैध सागौन के फर्नीचर बनाये जा रहे हैं।
विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई
रेंजर ने बताया कि हमने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर सर्च वारंट जारी करवाया और अपनी टीम के साथ दबिश दी तो वहां लगभग पौन क्यूबिक मीटर अवैध सागौन की लकड़ी और मिनी औजार मिले। सभी को जब्त कर पीओआर काटा गया एवं वनोपज व्यापार विनिमय अधिनियम 1969 एवं वन नियमों की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की। अभी भी कार्रवाई जारी है। अवैध सागौन की कीमत लगभग 50 से 60 हजार होगी।
सरकार लगातार कर रही प्रयास
गौरतलब है कि एक तरफ सरकार वनों की सुरक्षा और वृक्षारोपण की तरफ लगातार कार्यरत है। दूसरी तरफ वन माफिया जंगलों की अवैध कटाई में कहीं भी पीछे नजर नही आ रहे हैं। ऐसे में वन विभाग आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
