मप्र में ऐसा पहला प्रोजेक्ट:दावा- 3 लाख को रोजगार ​मिलेगा

मप्र में ऐसा पहला प्रोजेक्ट:दावा- 3 लाख को रोजगार ​मिलेगा

पीथमपुर से 76 किमी दूर बदनावर में प्रदेश का पहला पीएम मित्र पार्क बनेगा। यह पार्क 2158 एकड़ (873 हेक्टेयर) में तैयार होगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 2100 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। जल्द ही मध्यप्रदेश को 500 करोड़ रुपए की ग्रांट भी मिल जाएगी। इससे काम की रफ्तार बढ़ेगी। यह देश के सात पीएम मित्र पार्कों में से एक

है। सरकार चाहती है कि यह प्रोजेक्ट 1-2 साल में पूरा हो जाए। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में यहां 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इससे एक लाख डायरेक्ट और दो लाख इन-डायरेक्ट रोजगार मिलने की उम्मीद है। पार्क ‘5 एफ’ फार्मूले पर आधारित है- फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन। यानी खेती से शुरुआत, फिर कॉटन तैयार होगा, फैक्ट्री में कपड़े बनेंगे, फैशन इंडस्ट्री को सप्लाई होगा और अंत में विदेश में एक्सपोर्ट। मुख्य द्वार, रोड, बिजली और पानी की व्यवस्था हो चुकी है। अब बाकी कामों के टेंडर होंगे। पार्क पूरी तरह ग्रीन फील्ड पर आधारित होगा।

बदनावर के पा​र्क में आवासीय टॉवर, सोलर पावर प्लांट

  • 61,500 वर्ग मीटर में आवासीय टॉवर बनाए जाएंगे। ये टॉवर उन लोगों के लिए होंगे जो पीएम मित्र पार्क में काम करेंगे।
  • 10 मेगावॉट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा, जिससे सस्ती और स्वच्छ बिजली मिल सके।
  • 95,750 वर्ग मीटर क्षेत्र में 81 प्लग एंड प्ले यूनिट्स बनेंगी। यानी कंपनियां तुरंत आकर उत्पादन शुरू कर सकेंगी।
  • पार्क में हॉस्पिटल, स्कूल और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी होंगी।
  • पूरे पार्क क्षेत्र को हराभरा बनाए रखने के लिए प्लांटेशन किया जाएगा।

55 लाख में एक एकड़ जगह... 

पीएम मित्र पार्क में केंद्र से मिलने वाली राशि के अलावा राज्य सरकार प्लॉट बेचकर बाकी की राशि जुटाएगी। इसके लिए शुरुआत में प्रति एकड़ 55 लाख रुपए का रेट रखा गया है। विकास का खर्च इसी से निकाला जाएगा।

विमानन क्षेत्र में 2000 करोड़ के निवेश की संभावना जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर माइकल हॉवेल ने बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। विमानन क्षेत्र में अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस रिपेयर एंड ऑपरेशंस) सुविधा की शुरुआत करने संबंधी प्रस्ताव पर बात की।

इनएविया एविएशन समूह सेवा मुक्त विमानों को रिसाइकल करके उन्हें इच्छुक एयरलाइंस को प्रदान करने के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रदेश में 500 करोड़ रुपए का निवेश करना चाहता है। बाद में इसे बढ़ाकर 2000 करोड़ तक ले जाएगा। एमआरओ के अंतर्गत कंपोनेंट निर्माण, सीएनडी चेक और इंजन मरम्मत भी शामिल होंगे।


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