एमक्यू-9 ड्रोन ढेर
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक हूतियों ने अमेरिका के एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को उस समय अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र और जलक्षेत्र में निशाना बनाया, जब वह एक मिशन पर था। यूएस सेंट्रल कमांड अब इस घटना की जांच कर रही है। कुछ समय पहले भी हूती विद्रोहियों ने हमले की कोशिश की थी। उस समय अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत, यूएसएस कार्नी ने हूतियों की तरफ से दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोनों को रोक दिया था। ये ड्रोन और मिसाइलें लाल सागर के साथ उत्तर की ओर जा रहे थे। सीएनएन ने पहले बताया था कि जहाज ने नौ घंटे की अवधि में चार क्रूज मिसाइलों और 15 ड्रोनों को मार गिराया था। ये सभी मिसाइलें और ड्रोन इजरायल की तरफ जा रहे थे।
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक हूतियों ने अमेरिका के एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को उस समय अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र और जलक्षेत्र में निशाना बनाया, जब वह एक मिशन पर था। यूएस सेंट्रल कमांड अब इस घटना की जांच कर रही है। कुछ समय पहले भी हूती विद्रोहियों ने हमले की कोशिश की थी। उस समय अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत, यूएसएस कार्नी ने हूतियों की तरफ से दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोनों को रोक दिया था। ये ड्रोन और मिसाइलें लाल सागर के साथ उत्तर की ओर जा रहे थे। सीएनएन ने पहले बताया था कि जहाज ने नौ घंटे की अवधि में चार क्रूज मिसाइलों और 15 ड्रोनों को मार गिराया था। ये सभी मिसाइलें और ड्रोन इजरायल की तरफ जा रहे थे।
इजरायल पर हमास के हमले के बाद हाल के हफ्तों में ईरानी प्रॉक्सी समूहों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि 17 अक्टूबर के बाद से इराक और सीरिया में अमेरिका और गठबंधन के ठिकानों पर कम से कम 40 बार हमला किया गया है। इन हमलों में कई अमेरिकी सैनिकों को ब्रेन इंजरी समेत कई और तरह की चोटें आई हैं। एक सीनियर अधिकारी ने क्षेत्र में अमेरिकी सेना पर हमलों के लिए ईरान को सबसे बड़ा सेंटर बताया है। उनका कहना है कि इन सभी हमलों के पीछे ईरान का हाथ है।
विद्रोही बन रहे निशाना
अमेरिका ने 26 अक्टूबर को समूहों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की थी। उस समय सीरिया में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर और उसके साथियों पर अमेरिकी सेना ने निशाना बनाकर हवाई हमले किए। इसके अलावा एफ-15 और F-16 फाइटर जेट ने भी सीरिया और इराक के बीच सीमा के पास अबू कमाल में एक हथियार और गोला-बारूद के गोदाम पर हमला किया था।











