रिपोर्ट के मुताबिक वेदांता की ऑयल कंपनी केयर्न इंडिया ने भी ऑयल ब्लॉक्स में एक्सप्लोरेटरी ड्रिलिंग के लिए जन सुनवाई को खत्म करने के लिए सफल लॉबिंग की थी। रिपोर्ट के मुताबिक वेदांता ने OCCRP से कहा कि देश की एक प्रमुख नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी होने के नाते वह घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर आयात कम करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने OCCRP से कहा कि देश के विकास के हित में और नेचुरल रिसोर्सेज के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए समय-समय पर सरकार को ज्ञापन दिए जाते हैं। इस मामले में वेदांता और केयर्न ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
अडानी के बाद OCCRP ने अनिल अग्रवाल पर फोड़ा बम, पर्यावरण कानूनों को कमजोर करने के लिए लॉबिंग का आरोप
नई दिल्ली: नॉन प्रॉफिट मीडिया संस्था OCCRP ने गौतम अडानी (Gautam Adani) के बाद एक और भारतीय कारोबारी अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) को टारगेट किया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस (George Soros) के समर्थन वाली संस्था OCCRP ने आरोप लगाया है कि अग्रवाल की कंपनी वेदांता (Vedanta) ने कोरोना महामारी के दौरान पर्यावरण कानूनों को कमजोर करने के लिए गुपचुप तरीके से लॉबिंग की थी। ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शान रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट यानी OCCRP ने एक लेख में यह दावा किया है। इसमें कहा गया है कि जनवरी, 2021 में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने तत्कालीन पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से कहा था कि सरकार को माइनिंग कंपनियों को नए एनवायरमेंटल क्लीयरेंस हासिल किए बिना 50 परसेंट उत्पादन बढ़ाने की अनुमति देनी चाहिए। इससे देश में इकॉनमिक रिकवरी की रफ्तार तेज हो सकती है।
अडानी ग्रुप पर निशाना
इससे पहले OCCRP ने गौतम अडानी (Gautam Adani) के अगुवाई वाले अडानी ग्रुप (Adani Group) पर निशाना साधा था। एक रिपोर्ट में उसने दावा किया था कि अडानी ग्रुप ने गुपचुप तरीके से खुद अपने शेयर खरीदकर स्टॉक एक्सचेंज में लाखों डॉलर का निवेश किया। हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया है। लेकिन इस कारण गुरुवार को अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई है। इससे ग्रुप के मार्केट कैप में करीब 40 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आई है। गौतम अडानी भी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 20वें से 22वें स्थान पर फिसल गए हैं।











