16 साल की मेहनत रंग लाई, भारत-न्यूजीलैंड ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर किए साइन

16 साल की मेहनत रंग लाई, भारत-न्यूजीलैंड ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर किए साइन
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत न्यूजीलैंड को होने वाले 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ छूट मिलेगी। वहीं, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 प्रतिशत सामान पर टैरिफ में छूट दी गई है या फिर टैरिफ कम कर दिया गया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के कॉमर्स मिनिस्टर टॉड मैक्ले की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों के बीच वार्ता 2010 में शुरू हुई थी लेकिन नौ राउंड के बाद इसे 2015 में रोक दिया गया था। मार्च 2025 में इसे फिर से शुरू किया गया और पिछले साल दिसंबर में इसे अंतिम रूप दिया गया।

16 मार्च, 2025 को शुरू हुए इस मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने रिकॉर्ड नौ महीनों में संपन्न होकर दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय स्थापित किया है। इस समझौते के तहत भारत को सभी टैरिफ उत्पादों पर तत्काल 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी। यह न्यूजीलैंड द्वारा वर्तमान में भारत से निर्यात किए जाने वाले लगभग 450 टैरिफ उत्पादों पर लगाए जाने वाले 10 प्रतिशत शुल्क से कम है। इनमें वस्त्र और परिधान उत्पाद, चमड़ा और टोपी, चीनी मिट्टी के बर्तन, कालीन और वाहन एवं वाहन पुर्जे शामिल हैं।

15 साल तक निवेश

इस मुक्त व्यापार समझौते में एक प्रावधान यह भी है कि न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईयू) द्वारा भारत के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते में किए गए 100 अरब डॉलर के निवेश की 'प्रतिबद्धता' के समान है। इसके अलावा, इस एफटीए में कामकाजी पेशेवरों और छात्रों की आवाजाही से संबंधित कई प्रावधान शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ पहली बार छात्र आवाजाही और अध्ययन के बाद कार्य वीजा संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत, भारतीय छात्र न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान विस्तारित अध्ययन के बाद कार्य वीजा के साथ प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकते हैं।

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए

  • गोयल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे
  • साथ ही इससे वैल्यू चेन मजबूत होगी और दोनों देश के बीच आर्थिक संबंध गहरे होंगे
  • दोनों देशों का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार 5 अरब डॉलर तक बढ़ाना है
  • एफटीए के तहत न्यूजीलैंड को होने वाले 100% भारतीय निर्यात पर टैरिफ छूट मिलेगी
  • न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95% सामान पर टैरिफ में छूट है या उसे कम किया गया है
  • समझौते के मुताबिक न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में $20 अरब का निवेश करेगा

डेयरी प्रोडक्ट्स

एफटीए में भारतीय पेशेवरों लोगों को भी उच्च वेतन वाले रोजगार के अवसर खुलेंगे। समझौते के तहत कौशल युक्त भारतीय पेशेवरों को अस्थायी रोजगार वीजा देगा, जिसके तहत पेशेवर न्यूजीलैंड में तीन साल तक रहकर कार्य कर सकेंगे। हालांकि, यह कोटा 5,000 वीजा का निर्धारित किया गया है। समझौते में शामिल वर्किंग हॉलिडे वीजा कार्यक्रम के तहत, प्रतिवर्ष 1,000 युवा भारतीय 12 महीने की अवधि के लिए न्यूजीलैंड में कई बार प्रवेश कर सकते हैं। भारत ने दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर जैसे सभी डेयरी उत्पादों के साथ-साथ कृषि उत्पादों सहित कई वस्तुओं को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से बाहर रखने में भी कामयाबी हासिल की है।
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