कटनी कलेक्ट्रेट के सामने शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग और इसे पीपीपी मॉडल पर खोले जाने के विरोध में छात्रों का जन सत्याग्रह रविवार को 21वें दिन भी जारी रहा। देर शाम मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का समर्थन किया।
शासकीय मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग
कटनी एक्शन कमेटी के बैनर तले चल रहे आंदोलन में छात्रों ने जिले में पूरी तरह शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग उठाई। उमंग सिंघार ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा बुनियादी सुविधाएं हैं और इन्हें निजी हाथों में सौंपना छात्र हित और जनहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि शासकीय मेडिकल कॉलेज बनने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को किफायती शिक्षा मिलेगी। साथ ही जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
कलेक्टर से फोन पर की चर्चा
सत्याग्रह स्थल से ही उमंग सिंघार ने कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी को फोन किया। उन्होंने जन सत्याग्रह और जिले के लोगों की भावनाओं से राज्य सरकार को तत्काल अवगत कराने की बात कही।
विधानसभा में मुद्दा उठाने का आश्वासन
उमंग सिंघार ने छात्रों को आश्वस्त किया कि वे इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। आगामी विधानसभा सत्र में कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना और पीपीपी मॉडल के विरोध का मुद्दा भी उठाएंगे।
कटनी एक्शन कमेटी और स्थानीय छात्र पिछले 21 दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने जन सत्याग्रह कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि पीपीपी मॉडल से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यवसायीकरण बढ़ेगा। वे जिले में पूरी तरह शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग कर रहे हैं।

