मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस साल की दूसरी तिमाही में कमाई का नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 28% बढ़कर ₹3.62 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जुलाई-सितंबर 2026 में यह 2.83 लाख करोड़ रुपए रहा था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 34% बढ़कर 29,550 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में मुनाफा ₹22,092 करोड़ था।
रिलायंस की कुल कमाई में हुई यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से उसके ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस के शानदार प्रदर्शन की वजह से रही, जिसे महंगे पेट्रोल-डीजल का फायदा मिला।
इस साल अब तक 26% गिरा रिलायंस का शेयर
नतीजों से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 0.2% गिरकर 1,164 के स्तर पर बंद हुआ। बीते 5 दिन में कंपनी का शेयर 2% गिरा है। एक महीने में 3% और 6 महीने में 19% गिरा है।
इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 26% गिरा है। वहीं कंपनी के शेयर में एक साल में 22% की गिरावट रही। रिलायंस का मार्केट कैप 15.74 लाख करोड़ रुपए है।
पिछली तिमाही में 23,196 करोड़ का मुनाफा हुआ था
तिमाही आधार पर भी कंपनी का मुनाफा 27% बढ़ा है। पिछली तिमाही यानी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी को 23,196 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। वहीं तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़ा है। पिछली तिमाही में रेवेन्यू 3.40 लाख करोड़ रुपए था।
कंपनी के पांच मेन सेगमेंट के नतीजे
रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म, रिटेल, डिजिटल, ऑयल टू केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस। यहां हम एक-एक कर सभी का पहली तिमाही का परफॉर्मेंस बता रहे हैं...
रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म
कंपनी का मुनाफा 14% बढ़ा है, जो पिछले साल इसी दौरान ₹7,379 करोड़ था।
रेवेन्यू में 11.40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले साल ₹36,332 करोड़ था।
ARPU (प्रति यूजर औसतन कमाई) 3.5% बढ़ा है, जो पहले ₹211.15 हुआ करता था।
अब हर यूजर महीने में औसतन 44.2 GB डेटा का इस्तेमाल कर रहा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का डिटेल्ड रिजल्ट यहां पढ़े…
ऑयल टू केमिकल से लेकर अदर बिजनेस
ऑयल-टू-केमिकल: रेवेन्यू ₹1.61 लाख करोड़ से 44% बढ़कर ₹2.32 लाख करोड़ रहा।
ऑयल & गैस: रेवेन्यू ₹6,058 करोड़ से 0.62% घटकर ₹6,020 करोड़ रहा।
रिटेल: रेवेन्यू ₹90,544 से 1.29% बढ़कर ₹91,717 करोड़ रहा।
डिजिटल सर्विसेज: रेवेन्यू ₹43,617 करोड़ से 11.16% बढ़कर ₹48,486 करोड़ रहा।
अदर बिजनेस: रेवेन्यू ₹16,208 करोड़ से 56% बढ़कर ₹25,317 करोड़ रहा।
अंबानी बोले- क्रूड ऑयल बढ़ने से रेवेन्यू 44.2% बढ़ा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने बताया कि वैश्विक स्तर पर तनाव और कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है।
क्रूड ऑयल और ईंधन की कीमतें बढ़ने से रिलायंस के O2C बिजनेस का रेवेन्यू साल-दर-साल 44.2% बढ़ा है। इस तिमाही में कच्चे तेल के दाम 40.6% और ट्रांसपोर्ट फ्यूल की कीमतें 50% से 78% तक बढ़ गईं, जिससे कंपनी की कमाई में जोरदार तेजी देखने को मिली।
मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी के O2C सेगमेंट का EBITDA 68% बढ़कर ₹25,203 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹15,008 करोड़ था। मजबूत घरेलू मांग और ईंधन की ऊंची कीमतों ने इस मुनाफे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
कंपनी के फ्यूचर प्लान्स और गाइडेंस
टेक्नोलॉजी और AI विस्तार: जियो अपनी वॉयस और डेटा सेवाओं में AI को शामिल कर रहा है और सैटेलाइट कम्युनिकेशंस व 6G IP क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान दे रहा है।
रिटेल व न्यू एनर्जी नेटवर्क का विस्तार: कंपनी नए ऊर्जा कारोबार, कंज्यूमर नेटवर्क, जियो-बीपी फ्यूल/EV चार्जिंग स्टेशनों और रिटेल के B2B व डिजिटल कॉमर्स चैनल्स को आगे बढ़ाने के लिए लगातार पूंजी जुटा रही है।
भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है रिलायंस
रिलायंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है। ये अभी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस मटेरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विस और रिटेल सेक्टर में काम करती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर ₹1,358 पर लिस्ट हुआ है, जो इसके ₹1,119 के इश्यू प्राइस से 21% ज्यादा है। लिस्टिंग के मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भावुक हो गए, जब उनके बेटे अनंत ने जियो की कामयाबी की कहानी बताई।

