देश की सबसे वैल्युएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) आज, 30 अक्टूबर को अपने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगी। ऑयल रिफाइनिंग मार्जिन में तेजी, जियो के यूजर्स और ARPU में बढ़ोतरी के दम पर कंपनी का मुनाफा मजबूत रहने का अनुमान है।
ब्लूमबर्ग एस्टिमेट: मुनाफा ₹21,368 करोड़ रहने की उम्मीद
ब्लूमबर्ग कंसेंसस एस्टिमेट्स के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज सितंबर तिमाही में ₹21,368 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज कर सकती है। यह पिछली तिमाही (अप्रैल-जून) के ₹20,946 करोड़ से ज्यादा है, हालांकि पिछले साल की समान तिमाही के ₹22,092 करोड़ से थोड़ा कम है।
एनालिस्ट्स के अनुसार, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस कमाई का मुख्य जरिया रहेगा, जबकि डिजिटल सर्विसेज यानी जियो ग्रोथ को सपोर्ट करेगी।
ब्रोकरेज हाउसेस का अनुमान
प्रभुदास लीलाधर के मुताबिक, रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 3.4% बढ़कर ₹49,140 करोड़ हो सकता है। कोटक सिक्योरिटीज ने कंसोलिडेटेड EBITDA में साल-दर-साल (YoY) 15% बढ़ोतरी का अनुमान जताया है, जबकि नुवामा ने इसमें 17% ग्रोथ की संभावना जताई है।
O2C बिजनेस: रिफाइनिंग मार्जिन से सपोर्ट
ग्लोबल लेवल पर प्रोडक्ट्स की सीमित सप्लाई और खाड़ी देशों में तनाव की वजह से कंपनी का रिफाइनिंग मार्जिन मजबूत बना हुआ है। प्रभुदास लीलाधर के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सितंबर में क्रूड की कीमतों में उछाल आया, जिससे Q2 में ब्रेंट क्रूड का एवरेज $91.4 प्रति बैरल रहा। डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के रिफाइनिंग क्रैक्स हाई लेवल पर रहे।
कोटक सिक्योरिटीज का अनुमान है कि O2C EBITDA साल-दर-साल 47% बढ़ सकता है। इसमें कंपनी की SEZ रिफाइनरी का बड़ा योगदान रहेगा, जिसे विंडफॉल टैक्स से छूट मिली हुई है।
इसके अलावा, अमेरिका से सस्ता एथेन-बेस्ड पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और रुपए की कमजोरी भी मार्जिन को सहारा देगी। नुवामा के मुताबिक, O2C EBITDA में साल-दर-साल 38% की बढ़ोतरी दिख सकती है, हालांकि बढ़ा हुआ फ्रेट चार्ज और ऑपरेशनल एडजस्टमेंट इसे थोड़ा प्रभावित कर सकता है।
रिलायंस जियो: ARPU और यूजर्स ग्रोथ पर नजर
रिलायंस जियो की कमाई में लगातार बढ़त बरकरार रहने की उम्मीद है।
यस सिक्योरिटीज: जियो का ARPU ₹216.5 और कुल सब्सक्राइबर बेस 540.3 मिलियन (54.03 करोड़) तक पहुंचने का अनुमान है।
प्रभुदास लीलाधर: तिमाही के दौरान 80 लाख नए यूजर्स जुड़ने से ARPU 1% बढ़कर ₹218 पहुंचने और जियो के EBITDA में तिमाही आधार पर 3% की बढ़त का अनुमान है।
नुवामा: डिजिटल सर्विसेज EBITDA में साल-दर-साल 16% की ग्रोथ की उम्मीद है।
रिलायंस रिटेल: रेवेन्यू बढ़ेगा, लेकिन मार्जिन पर दबाव
रिटेल सेगमेंट में स्थिर ऑपरेटिंग अर्निंग दिखने का अनुमान है...
यस सिक्योरिटीज: रिटेल रेवेन्यू 2.4% (YoY) और 2.6% (QoQ) बढ़कर ₹92,700 करोड़ रहने का अनुमान है, जिसमें EBITDA मार्जिन करीब 7% रहेगा।
कोटक सिक्योरिटीज: रिटेल रेवेन्यू में साल-दर-साल 11.7% की ग्रोथ का अनुमान है, लेकिन मार्जिन पर दबाव के चलते EBITDA में 0.8% की गिरावट आ सकती है।
नुवामा: हायर कंपैरिजन बेस की वजह से रिटेल EBITDA में लगभग 1% (YoY) गिरावट का अनुमान है।
ऑयल एंड गैस बिजनेस: दबाव में रहने की आशंका
प्रोडक्शन घटने की वजह से अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस बिजनेस का प्रदर्शन सुस्त रह सकता है। कोटक सिक्योरिटीज ने इस सेगमेंट के EBITDA में 7.2% और नुवामा ने 6% की गिरावट (YoY) का अनुमान जताया है।
आगे के लिए 5 अहम ट्रिगर्स
नतीजों के अलावा निवेशकों की नजर इन 5 बातों पर रहेगी...
रिफाइनिंग मार्जिन और O2C सेगमेंट का योगदान।
जियो का ARPU और सब्सक्राइबर एडिशन।
रिलायंस रिटेल का प्रॉफिट मार्जिन।
कंपनी का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर और फाइनेंस कॉस्ट।
मुख्य बिजनेस के आउटलुक पर मैनेजमेंट की कमेंट्री।
इस साल अब तक 26% गिरा रिलायंस का शेयर
नतीजों से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 0.3% गिरकर 1,163 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बीते 5 दिन में कंपनी का शेयर 2% गिरा है। एक महीने में 3% और 6 महीने में 19% गिरा है।
इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 26% गिरा है। वहीं कंपनी के शेयर में एक साल में 22% की गिरावट रही। रिलायंस का मार्केट कैप 15.74 लाख करोड़ रुपए है।
भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है रिलायंस
रिलायंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है। ये अभी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस मटेरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विस और रिटेल सेक्टर में काम करती है।
क्या होता है ARPU?
ARPU यानी 'एवरेज रेवेन्यू पर यूजर'। यह टेलीकॉम कंपनियों का एक प्रमुख पैमाना है, जिससे यह पता चलता है कि कंपनी औसतन प्रति ग्राहक प्रति महीना कितना पैसा कमा रही है।
क्या हैं रिफाइनिंग क्रैक्स?
कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोल, डीजल या ATF जैसे प्रोडक्ट्स बनाने पर मिलने वाले ग्रॉस मार्जिन को रिफाइनिंग क्रैक स्प्रेड कहा जाता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर ₹1,358 पर लिस्ट हुआ है, जो इसके ₹1,119 के इश्यू प्राइस से 21% ज्यादा है। लिस्टिंग के मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भावुक हो गए, जब उनके बेटे अनंत ने जियो की कामयाबी की कहानी बताई।

