कॉमर्शियल सिलेंडर आज से 17 रुपए तक महंगा हो गया है। आज से आपके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आने पर नंबर के साथ कॉलर का असली नाम भी दिखेगा। टोल प्लाजा के 20km के दायरे में रहने वाले वाहन मालिकों को 1 साल का लोकल फास्टैग पास मिलेगा।
नवंबर 2026 में सिलेंडर, टेलिकॉम, ट्रांसपोर्ट और इन्वेस्टमेंट से जुड़े ऐसे ही 5 बदलाव हो रहे हैं। इन्हें आसान भाषा में नीचे समझाया गया है…
1. कॉमर्शियल सिलेंडर 17 रुपए तक महंगा
बदलाव: तेल कंपनियों ने दिवाली से पहले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 17 रुपए तक महंगा कर दिया है।
असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में बदलाव नहीं
2. फोन पर अनजान कॉलर का असली नाम दिखेगा
बदलाव: आज से आपके फोन पर जब भी किसी अनजान नंबर से कॉल आएगा, तो स्क्रीन पर नंबर के साथ उस व्यक्ति का असली नाम भी दिखेगा। यह नाम वही होगा जो उसने सिम खरीदते समय सरकारी ID (जैसे आधार) में दिया था।
इसके लिए आपको कोई थर्ड पार्टी एप डाउनलोड या सर्विस शुरू करने की जरूरत नहीं होगी, यह अपने-आप काम करेगी। दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों के लिए इस नियम को लागू करना अनिवार्य कर दिया है।
असर: अभी अनजान नंबरों की पहचान के लिए ट्रूकॉलर जैसे एप का इस्तेमाल करना पड़ता है, लेकिन अब बिना किसी थर्ड पार्टी एप के ही आपको पता चल जाएगा कि कौन कॉल कर रहा है। इससे फर्जी और फ्रॉड कॉल से बचने में आसानी होगी।
3. टोल के 20km दायरे में रहने वालों के लिए FASTag का लोकल पास
बदलाव: टोल प्लाजा के 20km के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिकों को हर बार टोल टैक्स देने से राहत मिलेगी। सरकार ने ₹1,500 या ₹3,000 की तय फीस में पूरे 1 साल का लोकल फास्टैग पास देने का नया नियम आज से लागू कर दिया है।
असर: टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों का हर महीने टोल पर होने वाला बड़ा खर्च बचेगा। अब उन्हें बार-बार टोल कटवाने की टेंशन नहीं होगी और पूरे साल सिर्फ एक बार पास की तय फीस देकर आसानी से सफर कर सकेंगे।
4. म्यूचुअल फंड एप पर डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट होगा
बदलाव: 1 नवंबर से म्यूचुअल फंड कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निवेश करते समय डायरेक्ट प्लान अपने-आप चुना हुआ यानी डिफॉल्ट मिलेगा। अगर कोई निवेशक रेगुलर प्लान चुनता है, तो उसे पहले ही स्क्रीन पर चेतावनी मिलेगी कि रेगुलर प्लान में कितना एक्स्ट्रा खर्च (0.66% से 1.7% तक) लगेगा।
असर: बिना किसी डिस्ट्रीब्यूटर के सीधे निवेश करने वाले आम निवेशकों के पैसे बचेंगे। डायरेक्ट प्लान में कोई कमीशन न होने से एक्सपेंस रेशियो कम रहता है, जिससे निवेशकों को लंबे समय में एक्स्ट्रा फायदा मिलेगा। जैसे- 20 साल की SIP में ₹22 लाख तक का अतिरिक्त फायदा मिलेगा।
5. छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं के लिए दूसरे राज्यों में सामान बेचना आसान
बदलाव: 1 नवंबर से छोटे ई-कॉमर्स विक्रेता दूसरे राज्यों में अलग से ऑफिस खोले बिना भी देशभर में सामान बेच सकेंगे। CBIC ने GST नियमों में ढील दी है, जिसके तहत विक्रेता जिस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट) पर बेचते हैं, उसके गोदाम के पते को ही दूसरे राज्यों में अपना GST रजिस्ट्रेशन एड्रेस बता सकेंगे।
असर: इससे देश के लगभग 9.5 लाख छोटे कारोबारियों और सप्लायर्स को बड़ा फायदा मिलेगा। उन्हें अलग-अलग राज्यों में फिजिकल ऑफिस खोलने का भारी खर्च नहीं उठाना पड़ेगा और वे आसानी से पूरे देश के बाजार तक अपनी पहुंच बना सकेंगे।

