टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई पुलिस को जांच में पता चला है कि आरोपी शूटरों को एक्टर इमरान हाशमी के घर की रेकी करने को भी कहा गया था। हालांकि, वे उनका घर नहीं ढूंढ पाए। यह दावा हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में किया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सलमान खान लंबे समय से लॉरेंस गैंग के निशाने पर हैं। इस बार शूटरों ने आमिर खान के घर की भी रेकी की थी।
अधिकारी के मुताबिक, शूटरों को पता नहीं था कि आमिर खान दक्षिण मुंबई में शिफ्ट हो चुके हैं। इसलिए वे उनका घर नहीं ढूंढ सके।
इसके बाद शूटरों को इमरान हाशमी के घर की रेकी करने को कहा गया। वे स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद भी घर का पता नहीं लगा पाए। उन्होंने अपने हैंडलर्स को इसकी जानकारी दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद शूटरों ने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर श्रॉफ के रील्स देखे थे।
शूटरों को यह भी पता चला था कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार जुहू के पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने जाते हैं।
चार आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सोमवार को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार चार आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
इन आरोपियों में कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव शामिल हैं।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इन आरोपियों ने शूटरों को हथियार मुहैया कराए थे। पुलिस के मुताबिक, कुणाल की बात अनिल पंडित से होती थी। अनिल पंडित को लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव बताया गया है। उसने टाइगर पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।
कुणाल ने राधा वर्मा को एक पिस्तौल दी थी। इसके बाद राधा वर्मा और बबीता राव ने 17 अक्टूबर को दादर में कथित शूटर रेहान अंसारी से मुलाकात की।
दोनों ने रेहान अंसारी को पिस्तौल सौंप दी थी। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शूटरों को हमले के बाद हथियार लौटाने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें यह भी बताया गया था कि हथियार जल्द ही वापस ले लिया जाएगा।
टाइगर श्रॉफ गोली लगने से बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, उनके ड्राइवर और एक राहगीर को गोलियां लगी थीं। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

