चक्रवाती तूफान से पहले भूकंप से क्‍यों कांपा कच्‍छ, अनहोनी का संकेत या कुछ और है कनेक्‍शन, जानिए

चक्रवाती तूफान से पहले भूकंप से क्‍यों कांपा कच्‍छ, अनहोनी का संकेत या कुछ और है कनेक्‍शन, जानिए
अहमदाबाद: गुजरात में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (Cyclone Biporjoy) कहर बरपाने को तैयार है। इस बीच भूकंप से कांपी गुजरात (Earthquake in Gujarat) की धरती ने लोगों के द‍िल में डर पैदा कर द‍िया है। व‍िनाशकारी तूफान के आगमन से ठीक पहले भूकंप के झटके शुभ संकेत नहीं हैं। बुधवार को कच्छ में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। भूकंप कच्छ के भचाऊ से 5 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में आया। ऐसे में बड़ा सवाल यह है क‍ि तूफान से पहले भूकंप क्‍यों आया? भूकंप के झटकों का तूफान से कुछ कनेक्‍शन तो नहीं है। इन सब बातों पर आगे व‍िस्‍तार से जानेंगे।

कब, कहां और क‍ितनी तीव्रता का आया भूकंप
रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप के झटके शाम करीब 5.15 बजे महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र 23.291 के अक्षांश और 70.293 के देशांतर पर 18.5 किलोमीटर की गहराई में था। यह जानकारी गुजरात सरकार के भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान ने दी है। दरअसल पिछले महीने कच्छ में 4.2 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप भारत-पाकिस्तान सीमा के पास कच्छ के खावड़ा क्षेत्र में आया था।

कितनी तीव्रता का भूकंप है खतरनाक
जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता की अधिकतम सीमा अभी तक तय नहीं की गई है। हालांकि रिक्टर स्केल पर 7.0 या उससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप को सामान्य से कहीं अधिक खतरनाक माना जाता है। इसी पैमाने पर 2.0 या इससे कम तीव्रता वाला भूकंप सूक्ष्म भूकंप कहलाता हैं, जो सामान्यतः महसूस नहीं होते। 4.5 की तीव्रता वाले भूकंप घरों को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं।

चक्रवात बिपरजॉय से पूरे गुजरात में बार‍िश
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात बिपरजॉय के मद्देनजर सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बार‍िश हुई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सौराष्ट्र और कच्छ जिलों के 54 तालुकों में 10 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है। देवभूमि द्वारका, राजकोट, जामनगर, पोरबंदर और जूनागढ़ जिलों में खासतौर पर भारी बारिश देखी गई। एसईओसी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया तालुका में सबसे अधिक 121 मिलीमीटर बार‍िश दर्ज की गई, वहीं द्वारका में 92 मिलीमीटर और कल्याणपुर में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

भूकंप और भारी बारिश ने बढ़ाई चुनौती
भूकंप और भारी बारिश ने कच्छ के निवासियों के सामने आने वाली चुनौतियों को और बढ़ा दिया है, जो पहले से ही चक्रवात बिपरजॉय के प्रभाव की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित आबादी की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए लगन से काम कर रहे हैं

भूकंप और तूफान के बीच क्‍या है कनेक्‍शन
राज्‍य मौसम व‍िभाग के मुताब‍िक, चक्रवाती तूफान बिपरजॉय और गुजरात में आए भूकंप का आपस में कोई संबंध नहीं है। दोनों घटनाओं का होना अलग नेचर को द‍िखाता है। हालांक‍ि मौसम व‍िभाग ने तूफान को लेकर लोगों से एहत‍ियात बरतने की गुजार‍िश की है।



Advertisement