कौन हैं पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगलने वाली ये अमेरिकी सांसद, इमरान खान से करीबी तो एंटी-इंडिया है अजेंडा

कौन हैं पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगलने वाली ये अमेरिकी सांसद, इमरान खान से करीबी तो एंटी-इंडिया है अजेंडा
वॉशिंगटन: 22 जून को दूसरी बार भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्‍त सत्र में संबोधन होना है। साल 2016 के बाद पीएम मोदी दूसरी बार इसे संबोधित करेंगे। इस बीच कांग्रेस की दो मुसलमान प्रतिनिधियों रशीदा तलीब और इल्हान उमर ने पीएम मोदी के संबोधन का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। तलीब के ऐलान करने के कुछ ही घंटे बाद इल्‍हान उमर ने भी संबोधन में शामिल न होने की बात कही। इससे अलग अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों के 70 से ज्‍यादा डेमोक्रेट्स के समूह ने राष्‍ट्रपति बाइडन से कहा है कि राजकीय यात्रा के दौरान मोदी के साथ अपनी चर्चा में मानवाधिकार मसले को प्रमुखता से उठाएं।


तलीब बोलीं- काफी शर्मनाक है यह
तलीब ने ट्विटर पर लिखा है कि पीएम मोदी का 'मानवाधिकारों के हनन, लोकतंत्र विरोधी कार्यों, मुसलमानों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और पत्रकारों को सेंसर करने का लंबा इतिहास रहा है। यह बिल्‍कुल ही अस्वीकार्य है। कुछ ही घंटों बाद, उमर ने कहा कि वह भी इसका बॉयकाट करेंगी। तलीब ने लिखा कि यह काफी शर्मनाक है कि अमेरिका में पीएम मोदी इतनी तवज्जो दी जा रही है। उमर ने लिखा, ' पीएम मोदी की सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों का दमन किया है, हिंसक हिंदू राष्‍ट्रवादी समूहों को बढ़ावा दिया है और पत्रकारों के साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया है।'

पहली मुसलमान कांग्रेस नेता
साल 2018 में तलीब और उमर दोनों कांग्रेस में पहुंची थी। तलीब ने कहा था कि वह पूरे देश में एक बदलाव लाना चाहती हैं। साथ ही अगर किसी को कुछ करना है तो उन्‍हें बदलने की जरूरत नहीं है। तलीब ने साल 2008 में अमेरिकी राज्‍य में प्रतिनिधि का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया था। वह पहली मुसलमान महिला थीं जो इस पद पर पहुंची थीं।

साल 2009 से 2014 तक वह मिशिगन हाउस में रहीं। साल 2021 में तलीब ने कश्‍मीर सौहार्द दिवस पर आयोजित एक सेमिनार में भी हिस्‍सा लिया था। रशीदा तलीब को हमेशा से भारत विरोधी प्रचार के लिए जाना जाता है। प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर और अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कॉर्टेज जैसे साथी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के साथ, तलीब प्रतिनिधि सभा के अंदर भारत विरोधी रुख का नेतृत्व करने में सबसे आगे रहती हैं।

उमर जा पहुंची पीओके
इल्‍हान उमर पिछले साल अप्रैल में पाकिस्‍तान के दौरे पर भी गई थीं। यहां पर उन्‍होंने पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की। साथ ही पूर्व पीएम इमरान खान के साथ भी एक खास मीटिंग की। इसके बाद वह पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) के दौरे पर भी चली गईं। इसे लेकर भारत ने विरोध भी दर्ज कराया और अमेरिका से सवाल किया कि उनका दौरा किसने फंड किया था। इस पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने जवाब दिया, 'जितना मुझे पता है, प्रतिनिधि उमर, अमेरिकी सरकार की तरफ से आयोजित पाकिस्तान की यात्रा पर नहीं गई हैं।'

70 सांसदों ने लिखी चिट्ठी
इससे अलग 70 सांसदों ने चिट्ठी लिखकर कहा है कि मजबूत अमेरिका-भारत संबंधों के लंबे समय से समर्थकों के रूप में हम यह भी मानते हैं कि दोस्तों को अपने मतभेदों पर ईमानदार और स्पष्ट तरीके से चर्चा करनी चाहिए। भारत और अमेरिका के बीच साझा हितों के कई क्षेत्रों के अलावा आप सीधे प्रधानमंत्री मोदी के साथ चिंता के मुद्दे भी उठाएं। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय रिपोर्ट भारत में राजनीतिक स्थान के सिकुड़ने, धार्मिक असहिष्णुता के बढ़ने, नागरिक समाज संगठनों और पत्रकारों को निशाना बनाने और प्रेस की स्वतंत्रता और इंटरनेट एक्सेस पर बढ़ते प्रतिबंध जैसे परेशान करने वाले संकेत दर्शाते हैं।


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