सर्वे में कहा गया है कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार बातचीत इस साल पूरी होने की उम्मीद है, जिससे बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता कम हो सकती है। भारत और अमेरिका पिछले साल मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। पिछले साल अगस्त में जब अमेरिकी सरकार ने भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लगाया था, उसके बाद से बातचीत धीमी हो गई थी।
भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील कब होगी फाइनल? सर्वे में सरकार ने बताया, लेकिन ये चिंताएं कैसी
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण (इकनॉमिक सर्वे) पेश किया। इसमें भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील को लेकर भी बात कही गई है। सर्वे में कहा गया है कि फिलहाल भारत को बाहरी दुनिया से कुछ चिंताएं हैं, लेकिन कोई बड़ी आर्थिक समस्या नहीं है। सर्वे के अनुसार, हमारे बड़े व्यापारिक साझेदारों की धीमी रफ्तार, व्यापार पर लगने वाले टैरिफ और पैसों के प्रवाह में उतार-चढ़ाव से कभी-कभी हमारे निर्यात और निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है।
सर्वे में कहा गया है कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार बातचीत इस साल पूरी होने की उम्मीद है, जिससे बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता कम हो सकती है। भारत और अमेरिका पिछले साल मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। पिछले साल अगस्त में जब अमेरिकी सरकार ने भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लगाया था, उसके बाद से बातचीत धीमी हो गई थी।
सर्वे में कहा गया है कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार बातचीत इस साल पूरी होने की उम्मीद है, जिससे बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता कम हो सकती है। भारत और अमेरिका पिछले साल मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। पिछले साल अगस्त में जब अमेरिकी सरकार ने भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लगाया था, उसके बाद से बातचीत धीमी हो गई थी।











