हम आंख बंद करके पैसा नहीं ले सकते... चीन को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्यों कहा ऐसा?

हम आंख बंद करके पैसा नहीं ले सकते... चीन को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्यों कहा ऐसा?
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर संबंध कुछ मधुर होते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन कुछ मामलों में भारत का कहना है कि वह चीन पर बैन जारी रखेगा। भारत ने कहा है कि वह चीन पर निवेश प्रतिबंध लागू करना जारी रखेगा। यह घोषणा ऐसे समय की कई है जब विवादित हिमालयी सीमा पर गश्त प्रोटोकॉल में सुधार को लेकर कुछ समझौते किए गए हैं।

इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत आंखे बंद करके किसी भी देश से निवेश नहीं ले सकता है। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार उन्होंने हाल ही में एक बिजनस स्कूल में आयोजित हुए कार्यक्रम में यह बात कही। साथ ही उन्होंने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के बारे में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

क्या कहा वित्त मंत्री ने?


इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हित की सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम देश में निवेश के लिए पैसा आंख बंद करके किसी भी देश से नहीं ले सकते। उन्होंने कहा, 'मैं आंखें मूंदकर एफडीआई स्वीकार नहीं कर सकतीं। यह भूलकर या इस बात से बेखबर कि यह कहां से आ रहा है।'

वित्त मंत्री ने कहा कि संवेदनशील भू-राजनीतिक परिदृश्य के कारण कुछ प्रतिबंध लागू रहने चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम व्यापार चाहते हैं। हम निवेश चाहते हैं। लेकिन हमें कुछ सुरक्षा उपायों की भी जरूरत है, क्योंकि भारत एक ऐसे पड़ोस में स्थित है जो बहुत ही संवेदनशील है।'

सीमा विवाद के बाद बदल गए हालात


भारत और चीन के बीच साल 2020 में हुए गलवान में झड़प हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच दूरी आ गई थी। निवेश, टेक्नॉलजी और दूसरी कई चीजें प्रभावित हुई हैं। इसके बाद भारत ने पड़ोसी देशों से निवेश के लिए अपनी जांच प्रक्रियाओं को कड़ा कर दिया। सबसे ज्यादा ध्यान चीन से जुड़ी कंपनियों पर केंद्रित किया। कई चीनी कंपनियों पर लगाम कसी गई। हालांकि इसका असर उन भारतीय कंपनियों पर भी पड़ा जिनमें चीन का पैसा लगा हुआ था।
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