गाजियाबाद में तो स्थिति अधिक खराब है। निजी स्कूल में बनाए गए बाढ़ राहत कैंप तक हिंडन नदी का पानी पहुंच गया। नोएडा और गाजियाबाद के 16 गांव बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। इस कारण इन इलाकों से अब तक 12 हजार लोगों को निकाल कर सुरक्षित इलाकों तक पहुंचाया गया है। उन्हें शेल्टर होम में रखा गया है। गाजियाबाद जिला प्रशासन की ओर से कॉलोनियों में बाढ़ का पानी न प्रवेश करे, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। पानी को नदी के चैनल के बाहर से निकालने की व्यवस्था की जा रही है। हिंडन का जलस्तर बढ़ने के कारण बुधवार को नोएडा के 10 अन्य गांवों तक पानी पहुंच गया।
लगातार बढ़ते जलस्तर से डरने लगे लोग
हिंडन के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी से लोगों में डर बढ़ रहा है। मॉनसून की बारिश जोरदार होने के कारण एक बार फिर हिंडन उफान पर है। अमूमन पूरे साल शांत रहने वाली नदी अभी विकराल रूप दिखा रही है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में हिंडन के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग नदी के इस खतरनाक रूप पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। उफनती नदी का पानी उनके घरों तक पहुंच रहा है। लगातार जलस्तर में बढ़ोत्तरी से पानी आगे के इलाकों को भी डरा रही है। नदी के किनारे बसे गांवों, खासकर डूब क्षेत्र में बने मकानों में रहने वाले लोगों के लिए यह वक्त मुश्किलों से भरा हुआ है। 2 से 3 लाख रुपए बेची गई अतिक्रमित जमीन पर लोगों ने निर्माण तो करा लिया। लेकिन, अब जब नदी का विकराल रूप दिखा रही है तो उनकी रातों की नींद गायब है। दिल्ली में यमुना के कहर की तर्ज पर हिंडन के कहर की आशंका जताई जा रही है।
कई घरों में घुस गया है पानी
हिंडन के पानी में हुई वृद्धि के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बहलोलपुर और छिजारसी में हिंडन नदी का पानी कई घरों में घुस गया। हालांकि, लोग अभी भी वहीं मौजूद हैं। उनके पास जाने के लिए कोई और जगह नहीं है। उफनती नदी ने बहलोलपुर में एक चहारदीवारी भी गिरा दी। बहलोलपुर में रहने वाले अमर सिंह कहते हैं कि नदी अब मेरे घर से केवल दो मीटर की दूरी पर है। अगर जलस्तर और बढ़ता है, तो मुझे अपने परिवार को लेकर यहां से जाना होगा। छह साल पहले अमर सिंह ने एक स्थानीय निवासी धरमपाल से नदी तट पर प्लॉट के लिए 2.5 लाख रुपए का भुगतान किया था। उसने मुझे कुछ और जमीन दिखाई थी, लेकिन जब मैंने उसे पैसे दे दिए। उसने मुझे हिंडन बाढ़ क्षेत्र में यह प्लॉट सौंप दिया। मैं नोएडा में एक कपड़ा निर्यात फैक्ट्री में काम करता हूं और एक महंगी कॉलोनी में घर नहीं खरीद सकता। यहां नदी गंदी है, लेकिन कम पैसे में जमीन मिली। इसलिए, मैं अपने परिवार के साथ यहां बस गया।
अमर सिंह कहते हैं कि स्थानीय लोग हर घंटे जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। हम प्रशासन से मदद का इंतजार कर रहे हैं। थोड़ी दूर पर रहने वाले सुसिंदर पंडित और उनकी पत्नी के घर की नींव तक नदी का पानी पहुंच गया है। उन्होंने केवल 3 महीने पहले घर बनाया गया था। राज मिस्त्री का काम करने वाले सुसिंदर ने कहा कि दो साल पहले एक कॉलोनाइजर से 2 लाख रुपए में प्लॉट खरीदा था। सुसिंदर ने कहा कि जब हमने घर बनाना शुरू किया तो पानी कुछ दूरी पर था, लेकिन अब यह हमारे घर तक पहुंच गया है। दंपति ने कहा कि हम डरे हुए हैं कि रात में क्या होगा? वे कहते हैं कि मुझे नहीं पता कि आज रात हमारे सिर पर छत होगी या नहीं। हिंडन और यमुना के संगम इलाके में स्थित छिजारसी, चोटपुर, युसुफपुर, ककराला, मुबारकपुर, शफीपुर और मोमनाथल जैसे गांवों में लोगों के बीच डर का माहौल है।
ओखला बैराज में आगरा नहर कार्य प्रभाग के कार्यकारी अभियंता और प्रमुख बीके सिंह का कहना है हिंडन अभी नोएडा में 198.95 मीटर पर बह रही है। यह खतरे के निशान 205.8 मीटर से नीचे है। मंगलवार को बैराज से लगभग 2627 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इसलिए, जलस्तर में कुछ वृद्धि देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सामान्य बरसात के दिनों में हिंडन का जलस्तर 198.60 मीटर रहता है। इनवायरमेंट कार्यकर्ता आकाश वशिष्ठ कहते हैं कि हिंडन के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन नदी यमुना की तरह तबाही नहीं मचा सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हिंडन यमुना के विपरीत एक वर्षा आधारित नदी है। हिंडन नदी यूपी के सहारनपुर में निचली शिवालिक पर्वतमाला से निकलती है। बेसिन क्षेत्र सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में पड़ता है। ग्रेटर नोएडा के मोमनाथल गांव में यमुना में शामिल होने से पहले यह नदी 300 किमी की दूरी तय करती है।
नोएडा में अभी राहत
ओखला बैराज में आगरा नहर कार्य प्रभाग के कार्यकारी अभियंता और प्रमुख बीके सिंह का कहना है हिंडन अभी नोएडा में 198.95 मीटर पर बह रही है। यह खतरे के निशान 205.8 मीटर से नीचे है। मंगलवार को बैराज से लगभग 2627 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इसलिए, जलस्तर में कुछ वृद्धि देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सामान्य बरसात के दिनों में हिंडन का जलस्तर 198.60 मीटर रहता है। इनवायरमेंट कार्यकर्ता आकाश वशिष्ठ कहते हैं कि हिंडन के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन नदी यमुना की तरह तबाही नहीं मचा सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हिंडन यमुना के विपरीत एक वर्षा आधारित नदी है। हिंडन नदी यूपी के सहारनपुर में निचली शिवालिक पर्वतमाला से निकलती है। बेसिन क्षेत्र सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में पड़ता है। ग्रेटर नोएडा के मोमनाथल गांव में यमुना में शामिल होने से पहले यह नदी 300 किमी की दूरी तय करती है।
मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए एक ताजा एडवाइजरी जारी की गई है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती है। अगर उन्हें जगह मिलने में समस्या आती है तो वे सहायता के लिए प्रशासन या बाढ़ हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। हम उन्हें पास के आश्रय गृहों में रखेंगे। एडीएम वित्त अतुल कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन ने छिजारसी और पड़ोसी गांवों में एक टीम भेजी है। लोगों को बाढ़ क्षेत्र खाली करने की सलाह दी है। दादरी के एसडीएम आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि वह क्षेत्र का दौरा करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।











