12 नवंबर का उदय होते ही यह सब एयर इंडिया में शिफ्ट हो जाएगा। इसी के साथ ही साल 2013 में बनी टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस की यह जॉइंट वेंचर विस्तारा एयरलाइंस गुजरे जमाने की बात हो जाएगी।
जनवरी 2015 में उड़ी थी पहली फ्लाइट
एयरलाइंस का कहना है विस्तारा का एयर इंडिया में विलय होने के बाद जो यात्रियों को जो कुछ संभावित समस्याएं हो सकती हैं, उन्हें देखते हुए अपने स्तर पर तैयारियां पूरी की हैं। ताकि यात्रियों को कम से कम दिक्कतें पेश आएं।
दो साल पहले हुई थी मर्जर की घोषणा
यात्रियों को भेजे जा रहे मैसेज
12 नवंबर से विस्तारा के यात्रियों को भी एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के काउंटरों पर जाना होगा। उनका टिकट अपडेट कर दिए जा रहे हैं। बोर्डिंग पास में कुछ दिनों के लिए विस्तारा के यात्रियों के लिए एआई-2 लिखा मिलेगा।
फिलहाल, कुछ दिनों के लिए विस्तारा के एयरक्राफ्ट का लोगो भी पुराना होगा, लेकिन धीरे-धीरे इन सभी को भी एयर इंडिया के लोगो से बदल दिया जाएगा। तमाम एयरक्राफ्ट के 12 नवंबर से कोड भी बदलकर एयर इंडिया में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। विस्तारा एयरलाइंस के यात्रियों को 12 नवंबर से वैसे तो कुछ चेंज नहीं होगा, लेकिन जिन्होंने लाउंज और अन्य अतिरिक्त सुविधा ली होंगी। उन्हें वह नहीं मिल सकेंगी।











