पहाड़ चढ़कर गांव तक पहुंच रहे ग्रामीण, उत्तराखंड का ये गांव कभी भी हो सकता है जमींदोज, दरक रहा पहाड़

पहाड़ चढ़कर गांव तक पहुंच रहे ग्रामीण, उत्तराखंड का ये गांव कभी भी हो सकता है जमींदोज, दरक रहा पहाड़
अभिषेक अग्रवाल, जोशीमठ: उत्तराखंड के जोशीमठ शहर के बाद अब पगनो गांव में खतरे का पहाड़ दरक रहा है। यह गांव पिछले लगभग तीन सालों से हल्के भूस्खलन का दंश झेल रहा है, जोकि पिछले दो माह में बहुत अधिक बढ़ने के कारण ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह से खतरे की जद में आ गया है।

ग्रामीणों के पास गांव में जाने का एकमात्र रास्ता पहाड़ चढ़ना बचा है। ग्रामीण एक कच्चे पहाड़ को पार करके गांव तक पहुंच रहे हैं। इस गांव में कुल 123 परिवार निवास करते हैं, जिसमें से 50 परिवार खतरे की जद में हैं और 12 परिवारों के आशियानें पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं। ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से किराये पर चले जाने को कह दिया गया है। जिस पर ग्रामीणों का कहना है कि वह अपनी पुश्तैनी जमीन छोड़कर कहां जाएंगे।

लोग बोले- बेरोजगार हो जाएंगे

ग्रामीण कहते हैं कि गांव के अधिकांश लोगों का रोजगार खेती है। किसी दूसरे स्थान पर जाकर खेती खलिहानी संभव नहीं है। लोग बेरोजगार हो जाएंगे। गांव में हुए भूस्खलन के कारण ऊपर से पूरा पहाड़ टूट कर गांव पर गिर गया है। जिस वजह से पूरा गांव भूस्खलन की जद में आ गया है। गांव का एकमात्र सरकारी विद्यालय का भवन इसकी जद में आ गया है। नौनिहाल टूटे-फूटे रास्तों से होकर तंबू में पढ़ने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का छलका दर्द

जिन लोगों के घर पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं, उन्हें प्रशासन की ओर से टीनशेड बनाकर रहने को कह दिया गया है, जिसके लिए प्रशासन स्तर से ग्रामीणों को टीन दी गई है। एनबीटी ऑनलाइन की टीम ने जब गांव में पहुंचकर यहां के ग्रामीणों से बातचीत की तो ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा। ग्रामीणों का कहना हैं कि वह अपनी पुश्तैनी जमीनी छोड़कर यदि जाएंगे तो जाएंगे कहां। ग्रामीण बताते हैं कि उनका एकमात्र रोजगार का साधन खेती करना और पशुपालन हैं, जोकि अन्यत्र किसी स्थान पर संभव नहीं हो सकेगा।

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