भारतीय परिधान में दर्शन की अपील
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भारतीय परिधान में मंदिर में प्रवेश करें। पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता या धोती-पजामा और महिलाओं के लिए साड़ी, पंजाबी ड्रेस या चूड़ीदार-दुपट्टा पहनने की सलाह दी गई है।ऑनलाइन दर्शन पास के फॉर्मेट में बदलाव
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट पर दर्शन पास बुकिंग के फॉर्मेट में बदलाव किया गया है। अब सामान्य दर्शन पास के साथ अन्य श्रेणियों के विकल्प भी दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को अपनी सुविधा के अनुसार पास चुनने में आसानी होगी।ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार, सुगम और विशिष्ट दर्शन पास की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए भी पास जारी किए जा रहे हैं, जिससे वे रामलला और राम दरबार के साथ अन्य मंदिरों के दर्शन कर पा रहे हैं।
किस पास से कहां तक दर्शन
सामान्य दर्शन पास वाले श्रद्धालु रामलला, राम दरबार के साथ परिसर में स्थित सप्त ऋषि मंदिर और शेषावतार कुबेर टीला मंदिर तक दर्शन कर सकते हैं। वहीं सुगम और विशिष्ट दर्शन पास धारकों को परकोटा के छह मंदिरों सहित सभी प्रमुख स्थलों के दर्शन की सुविधा मिल रही है। वर्तमान में रोजाना 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन पास के माध्यम से मंदिर में दर्शन कर रहे हैं।भीषण गर्मी का असर, दोपहर में घटी भीड़
चिलचिलाती धूप का असर अब मंदिर में दर्शन के समय पर भी साफ दिख रहा है। दोपहर के समय श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है, जबकि सुबह और शाम के समय भारी भीड़ उमड़ रही है।बाहर से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि पहले टेढ़ी बाजार से वाहनों को रोक दिया जाता था, जिससे करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता था। अब येलो जोन पास मिलने से वाहन मंदिर के पास तक छोड़ सकते हैं, जिससे गर्मी में काफी राहत मिली है।











