कैसी रही यात्रियों की संख्या?
सिकंदराबाद-नागपुर मार्ग पर इस वंदे भारत ट्रेन को 16 सितंबर को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र को रामागुंडम, काजीपेट और सिकंदराबाद के औद्योगिक केंद्रों से जोड़ना था ताकि इन क्षेत्रों के लोगों को इसका ज्यादा लाभ मिले। साथ ही इन क्षेत्रों के बीच व्यापारिक संबंधों को सुविधाजनक बनाना भी था।
बेंगलुरु, चेन्नई और विशाखापत्तनम तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में काफी संख्या में यात्री सफर कर रहे हैं। इन ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी दर 90 फीसदी से 100 फीसदी तक है। इसके अलावा, सोमवार को विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस के टिकट वेटिंग लिस्ट में थे, जिससे इन ट्रेनों की मांग और भी बढ़ गई।
दूसरे शहरों को भरपूर मिल रहे यात्री
...तो कम कर दिए जाएंगे कोच
वंदे भारत सिकंदराबाद-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस यह दूरी 7.15 घंटे में तय करती है। ट्रेन में दो एग्जीक्यूटिव क्लास कोच और 18 चेयर कार कोच हैं जो पूरी तरह से वातानुकूलित हैं। इनमें यात्रियों के बैठने की क्षमता 1440 है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में काजीपेट, रामागुंडम, बल्हारशाह, चंद्रपुर और सेवाग्राम में रुकती है।











