जगमीत सिंह ने ट्रूडो सरकार को समर्थन दे रखा है, जिसके कारण वह सत्ता में हैं। जगमीत सिंह पर आरोप है कि वह खालिस्तान समर्थक राजनीत को प्रभावित कर रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री की लोकप्रियता लगातार गिर रही है, ऐसे में ट्रूडो और जगमीत का गठबंधन वोटबैंक की राजनीति में लगा है। जगमीत सिंह की आतंकवाद को समर्थन देने वाली विचारधारा को लेकर भारत ने रूस समेत कुछ देशों के साथ बातचीत की थी। भारत से इनपुट के आधार पर रूस ने जगमीत के देश में आने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
गठबंधन के दबाव में ट्रूडो खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह के कहने पर कनाडा खराब कर रहा रिश्ते भारत की नजर
वॉशिंगटन: भारत और कनाडा के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। खालिस्तान आतंकियों के समर्थन में उतरे जस्टिन ट्रूडो के बयानों के बाद यह तनाव बढ़ा है। जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि भारत की खुफिया एजेंसियों ने आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की है। इस बयान के बाद भारत न सिर्फ कनाडा के खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठनों पर नजर रखे हुए है, बल्कि आतंकियों को प्रोत्साहित करने वाले एनडीपी नेता जगमीत सिंह की भूमिका पर भी नजर रखे है।
क्रिमिनल वकील थे जगमीत सिंह
जगमीत सिंह यूक्रेन के समर्थक हैं और रूस पर निशाना साधते रहते हैं, जिसके कारण मॉस्को भी उनसे नाराज है। हरदीप सिंह निज्जर की मौत के बाद जगमीत ने न्याय करने की कसम खाई थी। राजनीति में आने से पहले ग्रेटर टोरंटो में वह एक क्रिमिनल वकील थे। 1 अक्टूबर 2017 को वह नेशनल डेमोक्रैटिक पार्टी (NDP) के नेता बने। वह किसी प्रमुख कनाडाई राजनीतिक दल के पहले गैर श्वेत नेता हैं। सितंबर 2021 में ट्रूडो की लिबरल पार्टी ने चुनाव जीता, लेकिन बहुमत पाने में फेल साबित हुए।
सर्वे में रैंकिंग घटी
मार्च 2022 में ट्रूडो और एनडीपी के बीच एक डील हुई। ट्रूडो ने तब कहा था कि हमने साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। हालांकि भारत और कनाडा के बीच जो भी तनाव है, उसके पीछे जगमीत सिंह का हाथ माना जा रहा है। हाल ही में एक सर्वे आया है, जिसमें जस्टिन ट्रूडो की लोकप्रियता घटती हुई दिख रही है। 31 फीसदी लोग उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर पसंद करते हैं। वहीं 40 फीसदी लोग विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे को प्रधानमंत्री की पहली पसंद मानते हैं। एनडीपी के नेता जगमीत सिंह को भी 22 फीसदी लोगों ने पसंद किया। इस बीच कनाडा के रक्षा मंत्री बिल ब्लेयर ने भारत के साथ संबंधों को महत्वपूर्ण बताया है।











