टैंक और मिसाइलों के साथ जुटे
लेबनान सीमा पर हिज्बुला के लड़ाके टैंक और मिसाइलों के साथ जुट गए हैं। हिजबुल्लाह के पास हजारों रॉकेट और मिसाइलें हैं जो इजरायल में लगभग कहीं भी निशाना लगाने में सक्षम हें। इस संगठन को हमास की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल दुश्मन के तौर पर देखा जाता है। लेबनान में एक नए मोर्चे की संभावना ने साल 2006 में हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच एक महीने तक चले भयानक युद्ध की कड़वी यादें ताज़ा कर दी हैं। यह दोनों पक्षों के बीच गतिरोध और तनावपूर्ण माहौल में खत्म हुआ था। पिछले छह दिनों से इजरायल ने गाजा की घेराबंदी करके रखी है। सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हमास के खतरनाक हमले के जवाब में इजरायली सेना की तरफ से सैकड़ों हवाई हमले किए गए हैं। इजरायल की सेनाएं 23 लाख फिलिस्तीनियों की आबादी वाले इलाके को निशाना बना रही हैं।
लेबनान सीमा पर हिज्बुला के लड़ाके टैंक और मिसाइलों के साथ जुट गए हैं। हिजबुल्लाह के पास हजारों रॉकेट और मिसाइलें हैं जो इजरायल में लगभग कहीं भी निशाना लगाने में सक्षम हें। इस संगठन को हमास की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल दुश्मन के तौर पर देखा जाता है। लेबनान में एक नए मोर्चे की संभावना ने साल 2006 में हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच एक महीने तक चले भयानक युद्ध की कड़वी यादें ताज़ा कर दी हैं। यह दोनों पक्षों के बीच गतिरोध और तनावपूर्ण माहौल में खत्म हुआ था। पिछले छह दिनों से इजरायल ने गाजा की घेराबंदी करके रखी है। सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हमास के खतरनाक हमले के जवाब में इजरायली सेना की तरफ से सैकड़ों हवाई हमले किए गए हैं। इजरायल की सेनाएं 23 लाख फिलिस्तीनियों की आबादी वाले इलाके को निशाना बना रही हैं।
हमास को चुनौती
इजरायल ने हमास को खत्म करने की कसम खाई है। साथ ही अब देश संभावित जमीनी हमले की तैयारी में लगा हुआ है। इजरायल को सबसे ज्यादा चिंता हिज्बुल्लाह की सटीक-निर्देशित मिसाइलों को लेकर है। इन मिसाइलों के बारे में कहा जाता है कि इनका लक्ष्य इजरायल के नैचुरल गैस रिग और बिजली स्टेशन हो सकते हैं जो इजरायल के लिए रणनीतिक अहमियत रखते हैं। पड़ोसी देश सीरिया में राष्ट्रपति बशर असद की सेना के साथ कई सालों तक चली लड़ाई के कारण हिजबुल्लाह भी युद्ध में उतरने की तैयारी करने लगा है।
युद्ध होगा और विनाशकारी
हाल के कुछ वर्षों में हमास नेता लेबनान चले गए हैं। इस वजह से हमास और हिजबुल्लाह के बीच नजदीकियां भी बढ़ी हैं। हिजबुल्लाह अभी तक काफी हद तक किनारे पर बना हुआ है। समूह के करीबी लोगों का मानना है कि अगर इजरायल जमीन पर भी हमलों में तेजी लाता है तो फिर विनाशकारी परिणामों के साथ युद्ध और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। समूह के करीबी लेबनानी विश्लेषक कासिम कासिर के हवाले से न्यूज एजेंसी एपी ने बताया है कि हिजबुल्लाह, किसी भी तरह से हमास के विनाश की अनुमति नहीं देगा। न ही गाजा को जमीनी घुसपैठ का सामना करने के लिए अकेला नहीं छोड़ेगा।
इजरायल ने हमास को खत्म करने की कसम खाई है। साथ ही अब देश संभावित जमीनी हमले की तैयारी में लगा हुआ है। इजरायल को सबसे ज्यादा चिंता हिज्बुल्लाह की सटीक-निर्देशित मिसाइलों को लेकर है। इन मिसाइलों के बारे में कहा जाता है कि इनका लक्ष्य इजरायल के नैचुरल गैस रिग और बिजली स्टेशन हो सकते हैं जो इजरायल के लिए रणनीतिक अहमियत रखते हैं। पड़ोसी देश सीरिया में राष्ट्रपति बशर असद की सेना के साथ कई सालों तक चली लड़ाई के कारण हिजबुल्लाह भी युद्ध में उतरने की तैयारी करने लगा है।
युद्ध होगा और विनाशकारी
हाल के कुछ वर्षों में हमास नेता लेबनान चले गए हैं। इस वजह से हमास और हिजबुल्लाह के बीच नजदीकियां भी बढ़ी हैं। हिजबुल्लाह अभी तक काफी हद तक किनारे पर बना हुआ है। समूह के करीबी लोगों का मानना है कि अगर इजरायल जमीन पर भी हमलों में तेजी लाता है तो फिर विनाशकारी परिणामों के साथ युद्ध और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। समूह के करीबी लेबनानी विश्लेषक कासिम कासिर के हवाले से न्यूज एजेंसी एपी ने बताया है कि हिजबुल्लाह, किसी भी तरह से हमास के विनाश की अनुमति नहीं देगा। न ही गाजा को जमीनी घुसपैठ का सामना करने के लिए अकेला नहीं छोड़ेगा।
लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने सभी लेबनानी समूहों से संयम बरतने के लिए कहा है। साथ ही उन्होंने इजरायल की योजनाओं में शामिल नहीं होने की अपील की है। यह हिज्बुल्लाह के लिए एक साफ संदेश था। उन्होंने कहा कि लेबनान, इजरायल के आपराधिक कृत्यों की निंदा करता है। साथ ही वह चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दुश्मनी खत्म करने पर काम करे। इजरायली नेताओं ने भी बार-बार चेतावनी दी है कि अगर लेबनान के साथ युद्ध हुआ तो फिर दक्षिणी लेबनान में भारी विनाश होगा।











