रूस से गैस एक्सपोर्ट में कभी यूरोप सबसे बड़ा मार्केट हुआ करता था लेकिन यूक्रेन युद्ध के कारण यह बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इससे गैजप्रॉम के बिजनस पर भी काफी असर हुआ है। रॉयटर्स के मुताबिक पिछले साल यूरोप को गैजप्रॉम की नेचुरल गैस सप्लाई 55.6 फीसदी गिरकर 28.3 बिलियन क्यूबिक मीटर रह गई। हालांकि गैजप्रॉम ने 2023 की शुरुआत से अपने एक्सपोर्ट के आंकड़े पब्लिश नहीं किए हैं। रॉयटर्स की कैलकुलेशन के हिसाब से 2023 में कंपनी का एबिटा गिरकर 6.7 अरब डॉलर रह गया जो 2022 में 30.4 अरब डॉलर था। जानकारों का कहना है कि गैजप्रॉम के लिए यह पिछले 22 साल में सबसे खराब एबिटा है।
इस कंपनी को 24 साल में पहली बार हुआ घाटा, एक साल पहले कमाया था 13.1 अरब डॉलर का मुनाफा
नई दिल्ली: रूस की सरकारी गैस कंपनी गैजप्रॉम (Gazprom) को पिछले साल यानी 2023 में 6.9 अरब डॉलर का जबर्दस्त घाटा हुआ। देश की सबसे पावरफुल सरकारी कंपनियों में से एक गैजप्रॉम को 24 साल में पहली बार घाटे का सामना करना पड़ा है। यूक्रेन पर रूस के हमले के कारण यूरोप को गैस की बिक्री प्रभावित हुई है। इस कारण कंपनी का घाटा हुआ है। 2022 में कंपनी को 13.1 अरब डॉलर का नेट प्रॉफिट हुआ था। कंपनी को इससे पहले साल 1999 में घाटा हुआ था। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के करीबी एलेक्सी मिलर ने साल 2001 में इस कंपनी की कमान संभाली थी। इसका मुख्यालय सेंट पीटर्सबर्ग में है।











