बढ़ जाएगा मालभाड़ा
किसानों के आंदोलन के चलते दिल्ली में रूट डायवर्ट है। इससे वाहनों को अब ज्यादा लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। मालभाड़े का खर्च प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय होता है। ऐसे में जब वाहनों को ज्यादा लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा तो इसका सीधा असर मालभाड़े पर पड़ना तय है। इससे मालभाड़े की लागत बढ़ जाएगी। वहीं माल की आपूर्ति करने में भी अब ज्यादा समय लगेगा और इसकी भी लागत बढ़ जाएगी।
रास्ते में फंसे हजारों ट्रक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि किसानों के इस आंदोलन की वजह से अभी करीब 10 हजार ट्रक रास्तों में फंस गए हैं। इनमें से करीब 6 से 7 हजार ट्रक ऐसे हैं जिन्हें दिल्ली में सामान की सप्लाई करनी है। इस समय जरूरी सामानों की सप्लाई करने वाले वाहनों को छोड़कर बाकी वाहनों को रोका जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कंपनियां सामान की सप्लाई करने के लिए एक फिक्स रेट पर फैक्ट्रियों और उत्पादकों के साथ कांट्रैक्ट करती हैं। अब समय से सप्लाई नहीं पहुंचने पर ट्रांसपोर्ट कंपनियों को पेनल्टी का डर भी सताने लगा है।











