UPA सरकार में था डिफेंस प्रोजेक्ट्स में घोटाला मोदी सरकार में 10 साल में दोगुना हो गया : रक्षा सीतारमण

UPA सरकार में था डिफेंस प्रोजेक्ट्स में घोटाला मोदी सरकार में 10 साल में दोगुना हो गया : रक्षा सीतारमण
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कांग्रेस पर आर्थिक कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार एक ‘आंदोलनजीवी और भ्रष्टाचारजीवी सरकार’ थी जिसने देश में ‘जयंती टैक्स’ को जन्म दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में रक्षा बजट दोगुना हो गया है। सीमा पर बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश बढ़ाया गया है। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था और देश के नागरिकों पर इसके प्रभाव पर श्वेतपत्र को लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब दिया। सीतारमण ने दावा किया कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) ‘किचन कैबिनेट’ से भी बदतर थी, जो असंवैधानिक संस्था के रूप में कानून बनवा रही थी।

वित्त मंत्री ने यूपीए सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप लगाया और कहा कि उस वक्त नेतृत्व का अभाव था। उन्होंने कहा कि ‘श्वेत पत्र’ एक गंभीर दस्तावेज है जिसमें दस्तावेजी प्रमाण हैं। सरकार का प्रयास रहा है कि यूपीए सरकार के 10 साल के कुप्रबंधन को दुरुस्त करना और अर्थव्यवस्था को ऐसे आगे ले जाना कि यह मजबूती के साथ बढ़े। सीतारमण ने कहा कि इस दस्तावेज में कोई भी आधारहीन आरोप नहीं लगाए गए हैं और इसमें कैग की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को उद्धृत किया गया है। उन्होंने कहा, 'इस श्वेत पत्र में की गई हर बात प्रमाण के साथ है।'

फ्रेजाइल 5 से निकाला

वित्त मंत्री का कहना था, ‘अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए 10 साल तक प्रयास करने के बाद हम आज ‘फ्रेजाइल 5’ से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के समय में रक्षा परियोजनाओं में घोटाला होता था। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा, 'गर्व की बात है कि आईएनएस विक्रांत, तेजस, अर्जुन, धनुष सबका निर्माण भारत में हो रहा है। आज महिला विमान उड़ा रही हैं और सीमा पर बंदूक लेकर भी खड़ी हैं।' सीतारमण ने कहा कि इस सरकार ने एचएएल को चार लाख करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया है। उनका कहना था कि देश से 16 हजार करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात हो रहा है।
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