हल्दीराम के नागपुर और दिल्ली गुटों का मर्जर हो चुका है जिसे कंप्टीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने पिछले साल मंजूरी दी थी। HSFPL में हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड की 56 परसेंट और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (HFIPL) की 44 फीसदी हिस्सेदारी है। हल्दीराम ब्रांड की शुरुआत 1937 में गंगा बिसन अग्रवाल ने की थी। आज इसका बिजनस 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है। कंपनी 400 से अधिक तरह के फूड आइटम्स बेचती है। इनमें नमकीन, मिठाइयां, स्नैक्स, रेडी टु ईट फूड, फ्रोजन फूड, बिस्कुट, कनफेक्शनरी, रेडी टु ड्रिंक बेवरेजेज और पास्ता आदि शामिल हैं। कंपनी भारत के बाहर भी कई देशों को एक्सपोर्ट करती है। इनमें यूरोप और अमेरिका के कई देश शामिल हैं।
हल्दीराम के पीछे पड़ी दुनिया की सबसे बड़ी पीई फर्म, दो और कंपनियों की भी नजर, आखिर क्या है माजरा
नई दिल्ली: कई दशकों से देश की नमकीन और मिठाई इंडस्ट्री पर राज कर रही कंपनी हल्दीराम में स्टेक खरीदने के लिए कई प्राइवेट इक्विटी कंपनियों में होड़ मची है। इनमें दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट इक्विटी कंपनी ब्लैकस्टोन इंक (Blackstone Inc), टेमासेक होल्डिंग्स लिमिटेड (Temasek Holdings Ltd) और बेन कैपिटल (Bain Capital) शामिल हैं। बिजनस अखबार मिंट की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। निवेशक हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड (HSFPL) में कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदना चाहते हैं। यह खरीदारी आठ से 10 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर हो सकती है। माना जा रहा है कि यह कंज्यूमर सेगमेंट में सबसे बड़ी डील में से एक हो सकती है।











