उन्होंने कहा कि भारत डायनैमिक जियोपॉलिटिकल स्थिति से भी लाभ उठा सकता है। दुनिया सप्लाई चेन में बदलाव चाहती है और भारत इसका फायदा उठा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत खुद को ग्लोबल जियोपॉलिटिकल री-पोजीशनिंग के बीच पाता है। यह स्थिति भारत के लिए एक संरचनात्मक शक्ति के रूप में कार्य कर सकती है। भारत को नई अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था से लाभ मिलेगा जो आज की दुनिया में पावर डिस्ट्रीब्यूशन को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए फिर से आकार ले रही है।
टेक्नोलॉजी से समस्या
वित्त मंत्री ने कहा कि युवा आबादी, खपत में मजबूत वृद्धि, इनोवेशन में उछाल और एक मजबूत वित्तीय प्रणाली भारत को तेजी से बढ़ने में मदद करेगी। उन्होंने भारत के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी बात की। सीतारमण ने कहा कि एक खंडित दुनिया में भू-राजनीतिक जोखिम शामिल हैं, जहां कई लगातार संघर्ष बदतर हो सकते हैं।सीतारमण ने कहा कि टेक्नोलॉजी के आने से सभी स्तरों पर श्रमिकों पर अधिक स्थाई प्रभाव पड़ सकता है। इसके गंभीर आर्थिक और सामाजिक प्रभाव हो सकते हैं। पूरी दुनिया इससे जूझ रही है लेकिन भारत के लिए यह अधिक गंभीर है। इसकी वजह यह है कि भारत को अपनी विशाल युवा आबादी और लाखों लोगों के लिए आजीविका बनाने की आवश्यकता है।
