प्रज्ञानंदा और कार्लसन में तीसरे दिन जारी रहेगी खिताबी जंग, अब टाइब्रेकर से होगा चैंपियन का फैसला

प्रज्ञानंदा और कार्लसन में तीसरे दिन जारी रहेगी खिताबी जंग, अब टाइब्रेकर से होगा चैंपियन का फैसला
बाकू (अजरबेजान): चंद्रयान-3 की लैंडिंग को लेकर बुधवार को पूरी दुनिया उत्सुक थी, तो सबकी निगाहें चेस वर्ल्ड कप के फाइनल पर भी लगी थीं। चंद्रयान की चांद पर लैंडिंग से चंद मिनट पहले ही भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंदा और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के बीच बाजी ड्रॉ पर खत्म हो गई। इस तरह फाइनल की दूसरी क्लासिकल बाजी भी ड्रॉ रही। अब विजेता का फैसला आज टाईब्रेकर के जरिए होगा।

टाईब्रेकर के नियम

रैपिड फॉर्मेट में दो टाईब्रेक बाजियां खेली जाएंगी। इसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 25-25 मिनट का समय मिलेगा। प्रत्येक चाल के बाद खिलाड़ी के समय में 10 सेकंड जुड़ जाएंगे। अगर इन दो बाजियों में नतीजा नहीं निकलता है तो दो और बाजी खेली जाएगी जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी के पास 10-10 मिनट का समय होगा और खिलाड़ी की प्रत्येक चाल के बाद उसके समय में 10 सेकंड जुड़ जाएंगे। इसमें भी फैसला नहीं हुआ तो 5-5 मिनट और आखिर में 3-3 मिनट की बाजियां खेली जाएंगीं।

काले मोहरों से उम्दा खेल

नॉर्वे के दिग्गज कार्लसन ने सफेद मोहरों से ठोस प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रज्ञानंदा को काले मोहरों से खेलते हुए किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। दूसरी क्लासिकल बाजी डेढ़ घंटे और 30 चाल तक ही चली। इसके बाद दोनों खिलाड़ी ड्रॉ पर राजी हो गए। मंगलवार को पहली बाजी 35 चाल तक चली थी। प्रज्ञानंदा ने बाजी के बाद कहा, 'मैंने वास्तव में नहीं सोचा था कि मैग्नस जल्दी ड्रॉ के लिए तैयार हो जाएंगा लेकिन जब उन्होंने ऐसी शुरुआत की तो मुझे अहसास हुआ कि वह ड्रॉ कराना चाहते थे। मुझे भी इससे कोई दिक्कत नहीं थी।'


कार्लसन पहले से सतर्क

दूसरी बाजी के बाद कार्लसन ने कहा, 'प्रज्ञानंदा पहले ही बेहद मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ काफी टाईब्रेक खेल चुके हैं...मुझे पता है वह काफी मजबूत हैं। अगर मेरे अंदर कुछ ऊर्जा होगी, अगर मेरा दिन अच्छा होगा तो बेशक मेरे पास अच्छा मौका होगा।' कार्लसन को फूड पॉइंजनिंग हो गई थी। उन्होंने कहा, 'मैं आयोजकों, फिडे और डॉक्टरों तथा नर्सों का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मेरा अच्छा इलाज दिया।'

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