भोपाल। समाज और परिवार के निर्माण में युवाओं की भूमिका बड़ी अहम् होती है, इसलिए हमेशा ही युवाओं को आगे आना चाहिए। साथ ही वरिष्ठ पीढ़ी को युवाओं के कार्य में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करते हुए उन्हें कार्य करने स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। यह कहना है अखिल भारतवर्षीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यप्रकाश जोशी का। वे आज मानस भवन में गुर्जर गौड़ ब्राह्मण युवक संघ के पहले प्रांतीय अधिवेशन में बतौर मुख्यअतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम महिला सभा की राष्ट्रीय संरक्षक माया त्रिवेदी, राष्ट्रीय प्रधानमंत्री जय किशन पंचारिया, युवक संघ के प्रांतीय सभा के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी, महिला प्रांतीय सभा की अध्यक्ष भारती तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दै. स्वदेश समाचार पत्र समूह भोपाल के प्रधान संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र उपस्थित थे। इसके अलावा विधायक पीसी शर्मा, नारायण त्रिपाठी, पार्षद अमित शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश जोशी ने आगे कहा कि ब्राह्मण समाज में हमेशा से ही आगे रहा है। आज भी समाज के हर क्षेत्र मेें ब्राह्मण आगे है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि आज ब्राह्मण वर्ग ने आर्थिक रूप से भी तरक्की की है। अब हम समर्थ हो चले हैं। ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि समाज को भी दिशा दें। इतिहास गवाह है कि हमेशा से ही ब्राह्मणों ने समाज को दिशा दी है।
बॉक्स- बच्चों को परंपरा से जोडऩा होगा। कार्यक्रम में उपस्थित समाज के राष्ट्रीय प्रधानमंत्री जय किशन पंचारिया ने कहा कि हमें अपने बच्चों को परंपरा से जोडऩा होगा। आज घर में हम अपने-अपने कमरे में कैद रहते हैं। इससे सभी एकाकी हो चले हैं। ऐसे में समय होना चाहिए कि परिवार में कोई भी अतिथि आये तो हमें अपने बच्चों से उनका परिचय कराना चाहिए। जिससे वह समाज से जुड़ेगा। बच्चों का समाज से जुडऩा इसलिए भी जरूरी है कि ताकि वह हमारी सामाजिक परंपरा को आगे बढ़ा सके।
*हनुमान की तरह जिम्मेदारी स्वीकारें*
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाज सेवी एवं दै. स्वदेश समाचार पत्र समूह भोपाल के प्रधान संपादक राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि हम अतीत से लेकर आज तक देखें तो युवाओं ने ही जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सीता को खोजने की बात चली तो जामवंत ने अपनी वरिष्ठता का उल्लेख करते हुए युवा अंगद और हनुमान को आगे किया। अंगद ने अपनी शक्ति का आंकलन करते हुए कार्य पूरा होने पर संशय जताया तो हनुमान को शक्ति का अहसास कराना पड़ा। इससे सीख मिलती है कि यदि हमनी क्षमता में कमी पाते हैं तो अपने से योग्य को अवसर दें तो वहीं, हनुमान की तरह दी गई जिम्मेदारी को स्वीकारते हुए अपनी क्षमतानुसार प्रयास करें। उन्होंने आगे कहा कि समाज को विप्र बंधु ही दिशा देंगे। हमारा सौभाग्य है कि विप्र कुल में पैदा हुए हैं। इसे मानते हुए हमारे कार्य ऐसे हों कि भारत को विश्व गुरु बनने की दिशा में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित सीहोर युवा ईकाई के अध्यक्ष अंकित जोशी ने युवाओं के सामने आ रही समस्याओं का उल्लेख करते हुए वरिष्ठजनों ने से मार्गदर्शन चाहा। इंदौर युवा ईकाई के अध्यक्ष निखिल तिवारी ने अधिवेशन के उद्येश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस माध्यम से आपसी मेल मुलाकात और विचारों को जानने समझने की मंशा थी। यहां से जो निष्कर्ष निकलेंगे उसी अनुसार अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री मयूर उपाध्याय ने किया। अधिवेशन में महिला ईकाई की राष्ट्रीय संरक्षक माया त्रिवेदी, प्रांतीय सभा के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी, महिला प्रांतीय सभा की अध्यक्षा भारती तिवारी ने भी विचार रखें। कार्यक्रम में राजस्थान प्रांत के अध्यक्ष विशाल शर्मा,प्रांतीय युवक संघ के अध्यक्ष शिवम राजपुरोहित सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, नई दिल्ली सहित अन्य प्रांतों के प्रांतीय युवक संघ अध्यक्षों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
