ET के मुताबिक, साल 2025 की पहली छमाही में अमेजन और फ्लिपकार्ट ने रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बेचने का अपना तरीका बदल दिया। सामान वापस आने की ऊंची दर और क्वॉलिटी में गड़बड़ी की वजह से उन्होंने बाहर से ठीक कराए गए फोन बेचना बंद कर दिया। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ा जो इन प्लैटफॉर्म्स के जरिए अपने फोन बेचती थीं। इसके बाद कैशिफाई (Cashify) और कंट्रोल जेड (Control Z) जैसी कंपनियों ने सीधे ग्राहकों को फोन बेचना (D2C) शुरू कर दिया। उन्होंने अपने ऑनलाइन स्टोर और ऑफलाइन दुकानें बढ़ानी शुरू कर दीं।
Refurbished फोन मार्केट ने फिर पकड़ी रफ्तार, त्योहारी सीजन ने बदली सेक्टर की किस्मत
नई दिल्ली: पुराने फोन को ठीक करके नए जैसा बेचने वाले बाजार (Refurbished Market) के लिए साल 2025 उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन अंत में इसके लिए अच्छी खबर आई है। साल की शुरुआत में अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनियों के इस सेगमेंट से हटने की वजह से बिक्री पर ब्रेक लग गया था। लेकिन त्योहारी सीजन ने इस सेक्टर की किस्मत बदल दी है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि यह साल शानदार बढ़त के साथ खत्म होगा।
ET के मुताबिक, साल 2025 की पहली छमाही में अमेजन और फ्लिपकार्ट ने रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बेचने का अपना तरीका बदल दिया। सामान वापस आने की ऊंची दर और क्वॉलिटी में गड़बड़ी की वजह से उन्होंने बाहर से ठीक कराए गए फोन बेचना बंद कर दिया। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ा जो इन प्लैटफॉर्म्स के जरिए अपने फोन बेचती थीं। इसके बाद कैशिफाई (Cashify) और कंट्रोल जेड (Control Z) जैसी कंपनियों ने सीधे ग्राहकों को फोन बेचना (D2C) शुरू कर दिया। उन्होंने अपने ऑनलाइन स्टोर और ऑफलाइन दुकानें बढ़ानी शुरू कर दीं।
ET के मुताबिक, साल 2025 की पहली छमाही में अमेजन और फ्लिपकार्ट ने रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बेचने का अपना तरीका बदल दिया। सामान वापस आने की ऊंची दर और क्वॉलिटी में गड़बड़ी की वजह से उन्होंने बाहर से ठीक कराए गए फोन बेचना बंद कर दिया। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ा जो इन प्लैटफॉर्म्स के जरिए अपने फोन बेचती थीं। इसके बाद कैशिफाई (Cashify) और कंट्रोल जेड (Control Z) जैसी कंपनियों ने सीधे ग्राहकों को फोन बेचना (D2C) शुरू कर दिया। उन्होंने अपने ऑनलाइन स्टोर और ऑफलाइन दुकानें बढ़ानी शुरू कर दीं।











