एनजीओ ने दी गुड न्यूज
Nuclear Threat Initiative यानी एनटीआई परमाणु सुरक्षा सूचकांक की तरफ से पाकिस्तान को यह गुड न्यूज दी गई है। इस थिंक टैंक संकेतकों और मानदंडों के आधार पर देशों की परमाणु सुरक्षा क्षमताओं और प्रयासों को मापता है। इनमें परमाणु सामग्रियों और सुविधाओं की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और संधियों का पालन, परमाणु सुरक्षा के लिए नियामक ढांचा और परमाणु हथियारों या सामग्रियों तक अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए सर्वश्रेष्ठ नियमों को लागू करने जैसे जैसे कारक शामिल हैं। वॉशिंगटन स्थित यह एनजीओ इस इंडेक्स को रिलीज करता है। साथ ही इस बात का सावधानीपूर्वक रिकॉर्ड रखता है कि कोई देश परमाणु सामग्री को कैसे संभाल रहा है।
Nuclear Threat Initiative यानी एनटीआई परमाणु सुरक्षा सूचकांक की तरफ से पाकिस्तान को यह गुड न्यूज दी गई है। इस थिंक टैंक संकेतकों और मानदंडों के आधार पर देशों की परमाणु सुरक्षा क्षमताओं और प्रयासों को मापता है। इनमें परमाणु सामग्रियों और सुविधाओं की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और संधियों का पालन, परमाणु सुरक्षा के लिए नियामक ढांचा और परमाणु हथियारों या सामग्रियों तक अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए सर्वश्रेष्ठ नियमों को लागू करने जैसे जैसे कारक शामिल हैं। वॉशिंगटन स्थित यह एनजीओ इस इंडेक्स को रिलीज करता है। साथ ही इस बात का सावधानीपूर्वक रिकॉर्ड रखता है कि कोई देश परमाणु सामग्री को कैसे संभाल रहा है।
पाकिस्तान को 49 अंक
एनटीआई इंडेक्स में पाकिस्तान का स्कोर 49 है जबकि भारत को 40, ईरान को 29 और उत्तर कोरिया को 18 से ज्यादा अंक मिले हैं। एनजीओ के मुताबिक इससे यह भी पता चलता है कि पाकिस्तान अपनी परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा के मामले में रूस और इजरायल के साथ 32वें स्थान पर है और 47 देशों की सूची में भारत, ईरान, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देशों से ऊपर है। हालांकि, इंडेक्स में इस बात पर चिंता जताई गई है और कहा है कि इसकी स्थिति बिगड़ रही है।इस एनजीओ की तरफ से पिछले काफी समय परमाणु सुरक्षा पर प्रगति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
एनटीआई इंडेक्स में पाकिस्तान का स्कोर 49 है जबकि भारत को 40, ईरान को 29 और उत्तर कोरिया को 18 से ज्यादा अंक मिले हैं। एनजीओ के मुताबिक इससे यह भी पता चलता है कि पाकिस्तान अपनी परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा के मामले में रूस और इजरायल के साथ 32वें स्थान पर है और 47 देशों की सूची में भारत, ईरान, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देशों से ऊपर है। हालांकि, इंडेक्स में इस बात पर चिंता जताई गई है और कहा है कि इसकी स्थिति बिगड़ रही है।इस एनजीओ की तरफ से पिछले काफी समय परमाणु सुरक्षा पर प्रगति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
साल 2023 में पहली बार एनटीआई परमाणु सुरक्षा इंडेक्स में पाया गया है कि परमाणु सामग्री और परमाणु सुविधाओं वाले दर्जनों देशों और क्षेत्रों में परमाणु सुरक्षा की स्थिति वापस आ रही है। रिपोर्ट के लेखकों ने यह भी नोट किया कि पाकिस्तान सहित कई देश हथियार-ग्रेड वाली सामग्री के अपने भंडार में इजाफा कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आठ देशों - फ्रांस, भारत, ईरान, इजरायल, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, रूस और यूके- ने हथियार-उपयोग योग्य परमाणु सामग्रियों के अपने भंडार में इजाफा किया है। कुछ मामलों में प्रति वर्ष हजारों किलोग्राम तक इजाफा हुआ है। इसकी वजह से परमाणु सशस्त्रीकरण की कोशिशें कमजोर हो गई हैं। साथ ही चोरी का खतरा भी बढ़ रहा है। चोरी होने पर सामग्रियों का प्रयोग परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है।











