क्यों लिया गया यह फैसला
कंपनी ने कहा, “इस योजना का उद्देश्य एक दशक से अधिक के नुकसान को दूर करना और पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस से अधिक टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल इस्पात व्यवसाय में परिवर्तन करना है।” कंपनी पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस की जगह आधुनिक तकनीक वाले इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस लगाएगी। बयान में बताया गया है कि इस परिवर्तन से ब्रिटेन में कार्बन उत्सर्जन में प्रति वर्ष 50 लाख टन की कमी आएगी। साथ ही कंपनी के उत्पाद पर्यावरण के नजरिये से सुरक्षित होंगे।घटेगी लागत, बचेगा पर्यावरण
टाटा स्टील की योजना उत्सर्जन और लागत को कम करने की है। इस योजना के तहत संयंत्र में दो ब्लास्ट फर्नेस को इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस से बदल देगी। हालांकि, पोर्ट टैलबोट प्लांट में दोनों ब्लास्ट फर्नेस के बंद होने के साथ कोकिंग ओवन और स्टील शॉप जैसी यूनिट्स भी बंद हो जाएंगी। स्टील प्लांट को समझने वाले जानते हैं कि कोक ओवन बैटरी प्लांट से कितना कार्बन उत्सर्जन होता है। साथ ही इस प्लांट में मजदूरों की भी ज्यादा आवश्यकता पड़ती है। इसके उलट इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस में कोक की जरूरत ही नहीं पड़ती है।
टाटा स्टील ने कहा है कि इस फैसले से वहां काम करने वाले 2,800 कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें से लगभग 2,500 पद अगले 18 महीनों में प्रभावित होंगे। कंपनी ने बयान में कहा है कि वह प्रस्तावित पुनर्गठन योजना और प्रभावित कर्मचारियों के लिए सहायता व्यवस्था पर वैधानिक परामर्श शुरू करेगी।
वहां काम करने वालों का क्या होगा
टाटा स्टील ने कहा है कि इस फैसले से वहां काम करने वाले 2,800 कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें से लगभग 2,500 पद अगले 18 महीनों में प्रभावित होंगे। कंपनी ने बयान में कहा है कि वह प्रस्तावित पुनर्गठन योजना और प्रभावित कर्मचारियों के लिए सहायता व्यवस्था पर वैधानिक परामर्श शुरू करेगी।











