टाटा मोटर्स को दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटा गया है। एक कंपनी कमर्शियल व्हीकल पर ध्यान केंद्रित करेगी और दूसरी पैसेंजर व्हीकल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और जगुआर लैंड रोवर पर। यह डीमर्जर 1 अक्टूबर से प्रभावी हो गया है। शेयरधारकों को 1:1 के रेश्यो में शेयर मिले हैं। इसका मतलब है कि रेकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर को जिन निवेशकों के पास टाटा मोटर्स के शेयर थे, उन्हें कमर्शियल व्हीकल बिजनेस में हरेक टाटा मोटर्स शेयर के बदले एक शेयर मिला।
शेयर वैल्यूएशन
कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स का नाम बरकरार रखेगा। वहीं, नई बनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) घरेलू कार, ईवी और जेएलआर डिवीजन को संभालेगी। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह डीमर्जर टाटा ग्रुप की प्रमुख ऑटो कंपनी के लिए वैल्यू बढ़ाने और गवर्नेंस के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम दोनों डिवीजन को ऑपरेशनल इंडिपेंडेंस देने की टाटा मोटर्स की योजना का हिस्सा है। इससे दोनों डिवीजन अपनी अलग-अलग ग्रोथ की प्राथमिकताओं को पूरा कर सकेंगेपैसेंजर व्हीकल आर्म अब प्रीमियम और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करेगा। वहीं, CV यूनिट लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन में ग्रोथ को बढ़ावा देगी। रेकॉर्ड डेट एडजस्टमेंट के बाद डीमर्जर से पहले टाटा मोटर्स का शेयर प्राइस 660.75 रुपये था। यह प्राइस दोनों कंपनियों में बंट गया। TMPV का वैल्यूएशन लगभग 400 रुपये प्रति शेयर और अभी लिस्ट होने वाले सीवी आर्म का वैल्यूएशन 260-270 रुपये प्रति शेयर के बीच आंका गया है।











