एनबीसीसी ने सुपरटेक की सभी परियोजनाओं को पूरा करने की लागत लगभग 9,500 करोड़ रुपये और रिसीवेबल्स 16,000 करोड़ रुपये आंकी है। इसमें अनबिके 10,000 अपार्टमेंट भी शामिल हैं जिनसे 14,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। इनसॉल्वेंसी रेजॉल्यूशनल प्रोफेशनल ने निर्माण लागत 6,406 करोड़ रुपये आंकी थी। एनबीसीसी के मुताबिक विभिन्न परियोजनाओं के पूरा होने की संभावित समय अवधि 'डे जीरो' से 12 से 36 महीने तक होगी। डे जीरो में लैंड तक एक्सेस से लेकर मंजूरी प्राप्त करने और धन की उपलब्धता तक सब कुछ शामिल है।
होमबायर्स से सहयोग
एनबीसीसी ने एनसीएलएटी द्वारा नियुक्त एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें बैंकों और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल भी शामिल होंगे। यह समिति प्रोजेक्ट को पूरा करने, होमबायर्स से पैसा लेने, अनबिके फ्लैट्स को को बेचने और बैंकों को बकाये के भुगतान पर फैसला करेगी। कई होमबायर्स ने एनबीसीसी के प्रस्ताव का समर्थन किया है। इसकी वजह यह है कि एनबीसीसी एक सरकारी कंपनी है और उसने आम्रपाली के होमबायर्स को पजेशन देने में अच्छी प्रोग्रेस की है। सुपरटेक के प्रमोटर और निलंबित डायरेक्टर राम किशोर अरोड़ा पर कई तरह के आरोप है। यूनियन बैंक ने सुपरटेक के खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की है।











