वॉशिंगटन: एक अगस्त को आसमान में आपको चांद कुछ ज्यादा बड़ा दिखेगा। इसे देख कर ज्यादा हैरान मत होइएगा क्योंकि ये एक सुपरमून होगा। इसमें चांद आम तौर पर ज्यादा बड़ा और चमकदार दिखाई देता है। यह तब होता है जब चांद पृथ्वी का चक्कर लगाते हुए एकदम नजदीक आ जाए और इसी दौरान पूर्णिमा भी रहे। लेकिन अगस्त सुपरमून के मामले में बेहद खास है, क्योंकि इस महीने दो सुपरमून दिखाई देंगे। सुपरमून पूर्णिमा के बाकी चांद से लगभग 8 फीसदी ज्यादा बड़े दिखते हैं।
पूर्णिमा से अमावस्या तक चांद के घटने बढ़ने के आठ चरण होते हैं, जो हर 29.5 दिन में दोहराए जाते हैं। चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है और जब प्रकाश चांद के पिछले हिस्से पर पड़ता है तो यह नहीं दिखता। इस घटना को अमावस्या या न्यू मून कहते हैं। वहीं जब प्रकाश ऐसा पड़े कि पूरा चांद चमकता हुआ दिखे तो वह पूर्णिमा कहलाता है। अर्थस्काई वेबसाइट के मुताबिक इस साल चार बार ऐसे मौके आएंगे जब चांद पृथ्वी के करीब होगा और पूर्णिमा भी रहेगी। इनमें से पहला 2-3 जुलाई को देखा गया था। दूसरा मौका एक अगस्त को आया है। सुपरमून देखने का तीसरा मौका 30-31 अगस्त को मिलेगा। और आखिरी सुपरमून 28-29 सितंबर को दिखेगा।











