मिडिल ईस्ट में शाहेद ड्रोन का किया शिकार, अब भारत को राफेल और एंटी-ड्रोन तकनीक देने के लिए तैयार फ्रांस, दुश्मनों से निपटने का निकाला ये नया तरीका

मिडिल ईस्ट में शाहेद ड्रोन का किया शिकार, अब भारत को राफेल और एंटी-ड्रोन तकनीक देने के लिए तैयार फ्रांस, दुश्मनों से निपटने का निकाला ये नया तरीका
पूनम पांडे, नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में फ्रांस अपने खाड़ी सहयोगी देशों की हवाई सुरक्षा में मदद कर रहा था। 28 फरवरी को शुरु हुए संघर्ष के बाद फ्रांस ने सहयोगी देशों को हवाई हमले से बचाने में मदद की और ईरान के कई शाहेद ड्रोन को गिराया भी। भारत पहुंचे फ्रांस के मिशन पेगासे के हेड मेजर जनरल जूलियन साबेने ने राफेल जेट की बात करने पर कहा कि मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में हमने बड़े स्तर पर सैन्य अभियान चलाए हैं। वहां फ्रांस के राफेल ऑपरेट कर रहे हैं।

वहां हमने अपने साझेदार देशों को हमलों से बचाया। ईरान के शाहेद ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ हमें शानदार नतीजे मिले। इसलिए हम अपने भारतीय साझेदारों के साथ इस सिस्टम को साझा करने के लिए स्वाभाविक रूप से तैयार हैं। उन्होंने कंफर्म किया शाहेद ड्रोन को मिसाइल से भी मार गिराया गया। ये पूछने पर कि क्या ये एक महंगा तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर शाहेद ड्रोन को उसके लक्ष्य तक पहुंचने देते तो वह कई लोगों की जान ले लेता, तो वह ज्यादा महंगा होता।

ड्रोन के खिलाफ बनाया लेजर गाइडेड रॉकेट

  • मेजर जनरल जूलियन ने कहा कि हम वहां अपने साझेदार देश की सुरक्षा और रक्षा के लिए हैं। जाहिर है इसमें आर्थिक पहलू भी है।
  • इसी वजह से हमने मिसाइलों के अलावा एक और विकल्प विकसित किया है, जो अब इस्तेमाल में है।
  • यह लेजर गाइडेड रॉकेट है। शाहेद ड्रोन के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना कम खर्चीला है। उन्होंने कहा कि हम तोप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • हमने हथियार प्रणाली में कुछ बदलाव किए हैं, ताकि तोप से धीमी गति से उड़ने वाले ड्रोन पर ज्यादा प्रभावी ढंग से निशाना लगाया जा सके।
  • फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक तारदिफ ने कहा कि हमारा मानना है कि भविष्य में हम सिर्फ तोप या रॉकेट से ही ड्रोन को मार गिराने में सक्षम होंगे।
  • हालांकि, अब ड्रोन की क्षमता लगातार बढ़ रही है। कुछ ड्रोन इतने सक्षम हो रहे हैं कि उनके खिलाफ नजदीकी मुकाबले में भी मिसाइल की जरूरत पड़ सकती है।
  • इसलिए इस दिशा में काम करने की जरूरत है। हमने लेजर गाइडेड रॉकेट विकसित किया है, लेकिन ज्यादा सक्षम ड्रोन और लड़ाकू विमानों के खिलाफ इस्तेमाल के लिए हमें मिसाइल की भी जरूरत होगी।
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