राम जन्‍मभूमि मंदिर परिसर की सुरक्षा SSF के हवाले, सख्त होगा कवच... मंदिर ट्रस्ट को भारत चिह्न भेंट

राम जन्‍मभूमि मंदिर परिसर की सुरक्षा SSF के हवाले, सख्त होगा कवच... मंदिर ट्रस्ट को भारत चिह्न भेंट
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। वहीं, मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है। राम जन्मभूमि मंदिर की स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक में 15 से 24 जनवरी के बीच राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अवसर पर सुरक्षा प्‍लान को लेकर गंभीर मंथन किया गया। कमिश्नर गौरव दयाल के मुताबिक, समि‍ति की शुक्रवार को हुई बैठक में तय किया गया कि राम जन्‍मभूमि परिसर की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी अब CRPF की जगह SSF को सौंपी जाएगी। इसकी दो कंपनी फोर्स अयोध्‍या पहुंच चुकी है। इसके साथ ही सुरक्षा में PAC और सिविल पुलिस के जवान व अधिकारी भी तैनात किए जाएंगे।

गौरव दयाल ने बताया कि प्राण प्रतिष्‍ठा कार्यक्रम के समय सुरक्षा का कवच तैयार करने के लिए उन मेलों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था प्‍लान का भी संज्ञान में लिया जा रहा है, जिसमें 30 लाख से ज्‍यादा श्रद्धालुओं की भीड़ अयोध्‍या में जमा होती है। इसके अलावा हाईटेक सुरक्षा उपकरणों, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरे आदि का भी इस्‍तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंदिर के कार्यक्रम और सुरक्षा में किसी तरह की खामी न आने पाए, इसको ध्‍यान में रखकर सुरक्षा प्‍लान तैयार किया गया है।

मंदिर ट्रस्ट को भेंट किया संगमरमर पर उकेरा भारत चिह्न


राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट को एक श्रद्धालु ने संगमरमर पर बने भारत का चिह्न भेंट किया है। श्रद्धालु ने यह चिह्न राजस्थान की जयपुर स्टोन कंपनी से बनवाया है। इसी के साथ भारत को इंडिया के स्थान पर स्थापित करने की चर्चा भी शुरू हो गई है। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के दौरे पर होने की वजह से वीएचपी मुख्यालय कारसेवक पुरम के कार्यालय प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने इस भारत चिह्न को लेकर सुरक्षित रखवा दिया है। इसे मंदिर परिसर में रखे जाने के सवाल पर वीएचपी प्रवक्ता ने कहा पूरा देश भारत है, मंदिर भी उसी में है। यहां के महंत विवेकानंद आचार्य ने इसे मंदिर ट्रस्ट को सौंपने वाले राष्ट्रभक्त की तारीफ की।

आचार्य ने कहा कि पीएम मोदी ने इंडिया की जगह भारत नाम स्थापित कर बहुत बड़ा काम किया है। मंदिर ट्रस्ट को भेंट किया जाने वाला यह पहला भारत चिह्न है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ़ अनिल मिश्र ने बताया कि राजस्थान के राष्ट्रभक्त ने राष्ट्र के राम मंदिर को सौंप कर राष्ट्रीय भावना की प्रेरणा दी है। भारत के नाम अब सभी के दिलों में स्थापित करने की पहल पीएम मोदी ने जी20 सम्मेलन से शुरू कर दी है।

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