गौरतलब है कि एक कार्यक्रम के दौरान डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा था - 'कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता। उन्हें खत्म ही करना चाहिए। हम डेंगू, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते, हमें उन्हें खत्म करना है। उसी तरह हमें सनातन धर्म को सिर्फ विरोध करने के बजाय खत्म करना है।' बीजेपी ने जब स्टालिन के इस बयान पर विरोध जताया तब भी वह अपनी बात पर कायम रहे। उनका कहना है कि मैं अपने हर शब्द दृढ़ता से कायम हूं। मैंने उत्पीड़ित और हाशिये पर रहने वाले लोगों की ओर से बात की, जो इसके कारण पीड़ित हैं। उदयनिधि स्टालिन का कहना है कि सनातन धर्म एक सिद्धांत हैं जो लोगों को जाति और धर्म के नाम पर विभाजित करता है। मैंने कभी भी सनातन धर्म का पालन करे वाले लोगों के नरसंहार का आह्वान नहीं किया। सनातन धर्म को उखाड़ना मानवता और मानव समानता को कायम रखना है। स्टालिन के इस बयान के बाद विरोध के सुर तेज हो गए हैं।
सनातन धर्म की तुलना डेंगू और कोरोना से की, उदयनिधि स्टालिन और प्रियांक खरगे पर FIR
रामपुर: सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में उदयनिधि स्टालिन और प्रियांक खरगे के खिलाफ रामपुर के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज हुआ है। उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री हैं। प्रियांक खरगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे हैं। वकील राम सिंह लोधी और हर्ष गुप्ता ने एसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया। इसमें आरोप है कि उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक सरकार में ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री प्रियांक खरगे ने सनातन धर्म पर टिप्पणी की थी। जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इससे समाज में दो वर्गों के बीच वैमनस्यता उत्पन्न हो गई है। एसपी अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि सिविल लाइंस कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।











