लूना 25 इस क्षेत्र से भूवैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करेगा और पानी या अन्य तत्वों के संकेतों का डेटा वापस धरती पर भेजेगा। माना जा रहा है कि ये चंद्रमा पर भविष्य में मानव बस्तियां बसाने की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। हालांकि रूस का इस मिशन को लॉन्च करना एक बड़ा संकेत है। क्योंकि लंबे समय से उसने कोई ऐसा लॉन्च नहीं किया है। इसके अलावा वह यूक्रेन युद्ध में फंसा हुआ है। रूस को यह दिखाना था कि वह इन सबके बावजूद चांद पर मिशन लैंड करा सकता है।
रूस का 'चंद्रयान' हुआ लॉन्च, 5 दिनों में पहुंचेगा चांद के करीब, भारत से रेस लगा रहा लूना-25
वॉशिंगटन: चांद की ओर भारत का चंद्रयान बढ़ रहा है। इस बीच रूस का चंद्रमा पर लैंडिंग क्राफ्ट ले जाने वाला सोयुज-2 फ्रीगेट रॉकेट भी लॉन्च हो गया है। रूस के अमूर ओब्लास्ट में वोस्तोचन कोस्मोड्रोम से इस अंतरिक्ष यान ने उड़ान भरी। सोयुज-2 फ्रीगेट रॉकेट पर सवार होकर, लूना 25 ने शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी। रूस को उम्मीद है कि वह लगभग 47 वर्षों में अपना पहला मिशन चांद पर सफलतापूर्वक लैंड कराएगा। मानवरहित लूना-25 मिशन शुक्रवार तड़के चंद्रमा की ओर रवाना हुआ। उम्मीद है कि यह पांच दिनों में चांद के करीब पहुंच जाएगा। हालांकि इसके लैंडिंग की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। लूना 25 मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने की कोशिश करेगा।
लूना 25 इस क्षेत्र से भूवैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करेगा और पानी या अन्य तत्वों के संकेतों का डेटा वापस धरती पर भेजेगा। माना जा रहा है कि ये चंद्रमा पर भविष्य में मानव बस्तियां बसाने की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। हालांकि रूस का इस मिशन को लॉन्च करना एक बड़ा संकेत है। क्योंकि लंबे समय से उसने कोई ऐसा लॉन्च नहीं किया है। इसके अलावा वह यूक्रेन युद्ध में फंसा हुआ है। रूस को यह दिखाना था कि वह इन सबके बावजूद चांद पर मिशन लैंड करा सकता है।
1974 में चांद पर गया था रूस
रूस का आखिरी चांद लैंडर सोवियत संघ के जमाने में लूना-24 था। यह 18 अगस्त 1976 को चांद की सतह पर उतरा था। इस मिशन के तहत चांद की सतह के सैंपल रूस के वैज्ञानिकों को मिले थे। लूना 25 और चंद्रयान दोनों ही मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे। पूरी दुनिया की इस पर नजर है कि आखिर सबसे पहले कौन उतरेगा। रूसी स्पेस एजेंसी ने कहा है कि दोनों ही मिशन एक दूसरे के लिए कोई दिक्कत नहीं पैदा करने वाले, क्योंकि इनके बीच एक बड़ी दूरी होगी।
लूना 25 इस क्षेत्र से भूवैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करेगा और पानी या अन्य तत्वों के संकेतों का डेटा वापस धरती पर भेजेगा। माना जा रहा है कि ये चंद्रमा पर भविष्य में मानव बस्तियां बसाने की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। हालांकि रूस का इस मिशन को लॉन्च करना एक बड़ा संकेत है। क्योंकि लंबे समय से उसने कोई ऐसा लॉन्च नहीं किया है। इसके अलावा वह यूक्रेन युद्ध में फंसा हुआ है। रूस को यह दिखाना था कि वह इन सबके बावजूद चांद पर मिशन लैंड करा सकता है।











