गौतम नगर इलाके में पेट्रोल पंप कर्मचारी से हुई 28 हजार की लूट की कहानी एक सुनियोजित साजिश निकली। दरअसल, खुद पंप कर्मचारी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर यह नाटक रचा था। पुलिस की सख्त पूछताछ में पूरा राज खुलकर सामने आ गया। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
डीआईजी बंगला चौराहा स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के कर्मचारी पीयूष ने 16 फरवरी की रात पंप से कलेक्शन की रकम 28 हजार रुपए लेकर जाने की बात कही। कुछ ही देर बाद वह लौटा और घबराए हुए अंदाज में बताया कि बाइक सवार बदमाशों ने छुरी से हमला कर उससे यह रकम लूट ली। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और इलाके में नाकाबंदी भी करवाई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
सख्ती से पूछताछ में उगले राज
जब पुलिस ने पीयूष से गहराई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। उसने कबूल किया कि लूट की यह कहानी झूठी थी और असल में उसने यह रकम अपने मौसेरे भाई नितिन यादव और पड़ोसी नरेश अहिरवार के पास छिपा रखी थी।
योजना के तहत उसने दोनों को पहले ही बता दिया था कि वह थाने जाकर झूठी लूट की रिपोर्ट दर्ज करवाने वाला है, जिसके बाद वह रकम का कुछ हिस्सा उनके साथ बांट लेगा।
साजिश का भंडाफोड़ होते ही पुलिस ने पीयूष, नितिन और नरेश को हिरासत में ले लिया और लूट की गई पूरी रकम भी बरामद कर ली। पेट्रोल पंप संचालक आवास सोगानी की शिकायत पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।











