मध्यप्रदेश बनेगा मेट्रो और रेल निर्माण का नया हब:रायसेन में बनेंगे मेट्रो कोच, भारत अर्थ को मिली 148 एकड़ जमीन

मध्यप्रदेश बनेगा मेट्रो और रेल निर्माण का नया हब:रायसेन में बनेंगे मेट्रो कोच, भारत अर्थ को मिली 148 एकड़ जमीन

अब मेट्रो रेल और वंदे भारत के कोच और रेलवे से जुड़े आधुनिक उपकरण भोपाल के पास रायसेन जिले में बनेंगे। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) रायसेन के उमरिया गांव में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने बीईएमएल को 60.063 हेक्टेयर(148.45 एकड़) जमीन आवंटित की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरू में बुधवार को बीईएमएल के चेयरमैन और एमडी शांतनु रॉय को भूमि आवंटन पत्र सौंपा। बीईएमएल यहां मेट्रो कोच और रेलवे के रोलिंग स्टॉक का निर्माण करेगी। बीईएमएल लगभग 2 हजार करोड़ का निवेश करेगी।

सीएम यादव बेंगलुरू में बीईएमएल प्लांट भी पहुंचे। उन्होंने यहां बने 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। यह कोच अब मुंबई के लिए रवाना किया गया है। सीएम ने कहा कि रायसेन में यह यूनिट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। इससे मप्र का औद्योगिक ईको सिस्टम मजबूत होगा। सीएम ने कहा कि अगले एक माह में रायसेन में रेल कोच निर्माण इकाई के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा।

रॉय ने कहा कि रायसेन की इकाई देश की शहरी रेल प्रणाली को नई रफ्तार देगी। रॉय ने बताया कि यह कोच दिल्ली मेट्रो के माध्यम से मुंबई मेट्रो के लिए बनाया गया है।

इसमें ड्राइवर-लेस ऑपरेशन और स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियां हैं। यह भारत का पहला मेट्रो कोच है जिसमें ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगा है। सिस्टम रियल-टाइम मेंटेनेंस और रिमोट जांच में मदद करेगा।

सीएम बोले- उमरिया में नई यूनिट का भूमिपूजन एक माह में...

  • पहले चरण में स्टेनलेस स्टील के कोच बनेंगे, आगे एल्यूमीनियम कोच भी बनाए जाएंगे। प्लांट में आधुनिक तकनीक और आधारभूत सुविधाएं होंगी। यह न केवल भारत की जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि वैश्विक बाजार में भी उपयोगी होगा।
  • सामाजिक और आर्थिक लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। मजबूत सप्लाई चेन तैयार होगी। युवाओं के लिए स्किल डेवेलपमेंट के नए अवसर खुलेंगे।

दावा... 8 हजार करोड़ का निवेश, 19 हजार को रोजगार मुख्यमंत्री ने इंटरेक्टिव सेशन के बाद कहा कि निवेशकों को मप्र में आमंत्रित करने आया था। मैंने निवेशकों से चर्चा की है। उसमें सन फॉर्मा से 3 हजार करोड़, एचईएसएस से 2 हजार करोड़, बीईएमएल 1800 करोड़, अरविंद मील 600 करोड़, अभिनाथ समूह लॉजिस्टिक 100 करोड़, नाइज गारमेंट का 385 करोड़, एचटीसीएल टेक्नोलॉजी का 50 करोड़ का निवेश मिला है। सब मिलाकर 8 हजार करोड़ का निवेश है। जिससे कुल 19 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।


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