राधामोहन सिंह की छुट्टी तो ऋतुराज सिन्हा का प्रमोशन, अब क्या करेंगे रविशंकर प्रसाद?

राधामोहन सिंह की छुट्टी तो ऋतुराज सिन्हा का प्रमोशन, अब क्या करेंगे रविशंकर प्रसाद?
पटना: भारतीय जनता पार्टी ने अपने केंद्रीय पदाधिकारियों की नई लिस्ट जारी की है। इसमें कई बड़े नेताओं को प्रदेश की राजनीति से दूर रखा गया है तो कई नए चेहरों का प्रमोशन किया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री, बिहार के बेतिया से सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधामोहन सिंह को जगह नहीं मिली। पहले वो बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे। वहीं, बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद और बड़े कारोबारी आरके सिन्हा के बेटे ऋतुराज सिन्हा को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। 2019 लोकसभा चुनाव में आरके सिन्हा अपने बेटे ऋतुराज सिन्हा के लिए पटना साहिब से टिकट मांगा था। तब पार्टी ने रविशंकर प्रसाद को उम्मीदवार बना दिया था। बाद में वो मोदी कैबिनेट में मंत्री भी बनाए गए थे।

राधामोहन सिंह को नहीं मिली जगह

भारतीय जनता पार्टी की नई लिस्ट में 13 उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महांमत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा एक राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन), एक राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री, राष्ट्रीय सचिव 13, एक कोषाध्यक्ष और एक सह कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। मगर इस लिस्ट में बिहार से किसी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नहीं बनाया गया है। पहले बेतिया से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे। मगर नई लिस्ट में उन्हें जगह नहीं मिली।

आरके सिन्हा के बेटे का प्रमोशन


बीजेपी की नई लिस्ट में एसआईएस लिमिटेड के संस्थापक और पूर्व सांसद आरके सिन्हा के बेटे ऋतुराज सिन्हा को जगह मिली है। उन्हें पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव बनाया है। फिलहाल ऋतुराज सिन्हा अपने पिता की कंपनी एसआईएस लिमिटेड के समूह प्रबंध निदेशक हैं। वो फिक्की में निजी सुरक्षा क्षेत्र के अध्यक्ष भी हैं। साथ ही आईआईएम बोधगया के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य हैं। इसके अलावा एनसीसी कैडेटों को राष्ट्र-निर्माण और राष्ट्रीय विकास में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान देने के लिए रक्षा मंत्रालय की 15 सदस्यीय पैनल का हिस्सा हैं।


अब क्या करेंगे रविशंकर प्रसाद?

आरके सिन्हा की राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ में अच्छी पैठ मानी जाती है। बीजेपी की ओर से एक बार राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। वो चाहते हैं कि उनकी विरासत उनका बेटा ऋतुराज संभालें। 2019 लोकसभा चुनाव के वक्त उन्होंने अपने बेटे के लिए पटना साहिब की सीट मांगी थी। पहले इस सीट से 'बिहार बाबू' शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी की ओर से चुनाव जीतते रहे। मगर मोदी-शाह से खटपट के बाद पार्टी ने रविशंकर प्रसाद को उम्मीदवार बना दिया। जिसके बाद आरके सिन्हा काफी नाराज भी बताए गए थे। मगर अब उनके बेटे को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। इसका मतलब ये हुआ कि 2024 लोकसभा चुनाव में पटना साहिब सीट पर ऋतुराज सिन्हा की मजबूत दावेदारी रहेगी।
Advertisement