1.2 अरब डॉलर का लोन देने वाले कर्जदाताओं के एक समूह ने 11 अगस्त को रवींद्रन के खिलाफ डिफॉल्ट का मामला दायर किया था। यह लोन बायजू की एक सहायक कंपनी बायजूज अल्फा को दिया गया था। दिवालियापन अदालत में दायर एक याचिका के अनुसार बायजूज अल्फा पर 1.2 अरब डॉलर के लोन में से 533 मिलियन डॉलर को लंदन स्थित कंपनी OCI लिमिटेड के जरिए राउंड-ट्रिपिंग करने का आरोप लगाया गया था।
बायजू के लिए अमेरिका में राहत, कोर्ट ने पलटा जुर्माने का फैसला, गबन का आरोप
नई दिल्ली: कभी देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप रही बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन को अमेरिका से बड़ी राहत मिली है। वहां की एक बैंकरप्सी कोर्ट ने उनके खिलाफ सुनाए गए 1 अरब डॉलर के जुर्माने वाले फैसले को रद्द कर दिया है। बायजू की पैरेंट कंपनी ने यह जानकारी दी। इससे पहले 22 नवंबर को अदालत ने कहा था कि रवींद्रन ने अदालत के आदेशों को लगातार नजरअंदाज किया और कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
1.2 अरब डॉलर का लोन देने वाले कर्जदाताओं के एक समूह ने 11 अगस्त को रवींद्रन के खिलाफ डिफॉल्ट का मामला दायर किया था। यह लोन बायजू की एक सहायक कंपनी बायजूज अल्फा को दिया गया था। दिवालियापन अदालत में दायर एक याचिका के अनुसार बायजूज अल्फा पर 1.2 अरब डॉलर के लोन में से 533 मिलियन डॉलर को लंदन स्थित कंपनी OCI लिमिटेड के जरिए राउंड-ट्रिपिंग करने का आरोप लगाया गया था।
कंपनी का दावा
रवींद्रन का दावा है कि 533 मिलियन डॉलर को डायवर्ट नहीं किया गया था, बल्कि थिंक एंड लर्न के विस्तार के लिए इस्तेमाल किया गया था। साथ ही उनका कहना है कि बायजू के अमेरिकी कर्जदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली ग्लास ट्रस्ट और थिंक एंड लर्न के रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) ने पैसों के डायवर्जन का आरोप लगाकर अदालतों को गुमराह किया है।
1.2 अरब डॉलर का लोन देने वाले कर्जदाताओं के एक समूह ने 11 अगस्त को रवींद्रन के खिलाफ डिफॉल्ट का मामला दायर किया था। यह लोन बायजू की एक सहायक कंपनी बायजूज अल्फा को दिया गया था। दिवालियापन अदालत में दायर एक याचिका के अनुसार बायजूज अल्फा पर 1.2 अरब डॉलर के लोन में से 533 मिलियन डॉलर को लंदन स्थित कंपनी OCI लिमिटेड के जरिए राउंड-ट्रिपिंग करने का आरोप लगाया गया था।











