इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में 2.26 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। कंपनी का मार्केट कैप अब 15.49 लाख करोड़ रुपये रह गया है। रिलायंस का शेयर पिछले एक साल में 21.6%, छह महीने में 17.4% और पिछले एक महीने में 5.3% गिरा है। पिछले एक हफ्ते में ही शेयर 10% गिर गया है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,608.95 रुपये है। कंपनी का शेयर पिछले साल 8 जुलाई को इस स्तर पर पहुंचा था।
क्या कह रहे एक्सपर्ट्स
तकनीकी रूप से देखें तो शेयर पर अभी भी दबाव है। ये 50-दिन, 150-दिन और 200-दिन के SMAs सहित सभी आठ प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 37.9 है, जो ओवरसोल्ड जोन के करीब है। रिलायंस जल्द ही अपनी पिछली तिमाही की कमाई का रिपोर्ट जारी करने वाली है। इससे पहले कई ब्रोकरेज कंपनियों ने रिलायंस के कारोबार को लेकर अपनी राय दी है।गोल्डमैन सैश का कहना है कि रिलायंस के शेयर खरीदने में फायदा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में कंपनी का EBITDA स्थिर रहेगा। उम्मीद है कि रिटेल से होने वाली कमाई में 6.5% की बढ़ोतरी होगी। वहीं जियो की कमाई में 4% की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। सबकी नजर इस बात पर होगी कि FY26 में रिटेल की ग्रोथ कैसी रहेगी और कंपनी नए ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर क्या अपडेट देती है। अनुमान है कि FY26 में कंपनी की कमाई 18% तक बढ़ सकती है। इसकी वजह रिटेल में सुधार और जियो से होने वाली कमाई में तेजी होगी।











