उद्योग का दर्जा मिले
देश के रियल एस्टेट डेवलपर्स की सबसे बड़ी संस्था क्रेडाई (Credai) एनसीआर के अध्यक्ष और गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ को भी इस आगामी अंतरिम बजट से कई सारी उम्मीदें हैं। उन्हें इस बार के बजट में होम लोन के टैक्स दायरे को बढ़ाने के साथ-साथ इस सेक्टर को उद्योग का भी दर्जा मिलने की उम्मीद है। गौड़ के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट का हमेशा से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे इस बजट से होम बॉयर्स और डेवलपर्स के लिए मांग को प्रोत्साहित करने, तरलता संबंधी चिंताओं को दूर करने और नियमों को सरल बनाने के लिए रणनीतिक राजकोषीय उपाय की उम्मीद कर रहे हैं। इस बजट से कई उम्मीदें हैं जो भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत करेंगे। गौड़ के अनुसार, देश की आर्थिक वृद्धि में रियल एस्टेट की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए हमारी सबसे बड़ी उम्मीद रियल एस्टेट क्षेत्र को लंबे समय से प्रतीक्षित उद्योग का दर्जा देना है। यह मान्यता न केवल निवेश को और बढ़ावा देगी बल्कि नियमों को सुव्यवस्थित करेगी, जिससे सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए अधिक अनुकूल वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ब्याज दर की छूट को बढ़ाना जरूरी
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) की धारा 24 के तहत होम लोन की ब्याज दरों पर 2 लाख रुपये की टैक्स छूट को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करना जरूरी है। ऐसा करने से आवास के लिए और अधिक मजबूत बाजार को बढ़ावा मिल सकता है, खासकर बजट होम सेगमेंट में,जो कि कोविड के बाद से डिमांड में गिरावट देखी गई है।
अफोर्डेबल सेगमेंट को मिले राहत
ग्रुप 108 के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर अमिष भूटानी का कहना है कि आगामी बजट में अफफोर्डेबले सेगमेंट के लिए सरकार को राहत देनी चाहिए, जिससे खरीददारों को प्रोत्साहन मिल सके। आयकर छूट जैसे उपाय खरीदारों के उत्साह को बढ़ाएंगे। उनका यह भी कहना है कि सरकार को कॉमर्शियल रियल एस्टेट को भी प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर नीति पर काम करना चाहिए। सिंगल विंडो सिस्टम, एक समान ब्याज दरें और इनकम टैक्स में छूट जैसे उपाय रियल एस्टेट क्षेत्र को बेहतर बनाएंगे।
रहेजा डेवलपर्स के नयन रहेजा के अनुसार रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है और यह आगामी बजट से एक बड़ी उम्मीद है। साथ ही, अगर सिंगल विंडो क्लियरेंस की दिशा में काम हुआ तो इस सेक्टर को काफी मदद मिलेगी। इसे लेकर रियल एस्टेट सेक्टर में हमेशा से मांग की जा रही है। इससे डेवलपरों को अप्रूवल आदि में जो भी अतिरिक्त समय बर्बाद होता है, उसे प्रोजेक्ट के निर्माण और समय से खरीददारों को उसकी डिलीवरी पर लगाया जा सकता है। इस सेक्टर में घरों की लगातार उच्च मांग और सीमित नए घरों के लॉन्च को देखते हुए किफायती घरों को लेकर भी कुछ न कुछ घोषणा हो।
सिंगल विंडो क्लियरेंस की दिशा में हो काम
रहेजा डेवलपर्स के नयन रहेजा के अनुसार रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है और यह आगामी बजट से एक बड़ी उम्मीद है। साथ ही, अगर सिंगल विंडो क्लियरेंस की दिशा में काम हुआ तो इस सेक्टर को काफी मदद मिलेगी। इसे लेकर रियल एस्टेट सेक्टर में हमेशा से मांग की जा रही है। इससे डेवलपरों को अप्रूवल आदि में जो भी अतिरिक्त समय बर्बाद होता है, उसे प्रोजेक्ट के निर्माण और समय से खरीददारों को उसकी डिलीवरी पर लगाया जा सकता है। इस सेक्टर में घरों की लगातार उच्च मांग और सीमित नए घरों के लॉन्च को देखते हुए किफायती घरों को लेकर भी कुछ न कुछ घोषणा हो।











